चंडीगढ़ में आईटी सिटी में काम करने वाली जीरकपुर की 23 वर्षीय मिताली के अपहरण और हत्या के मामले में आरोपी रोहित कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। रोहित बनूड़ का रहने वाला है। उसे जीरकपुर पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किया था। अभी तक उसे जेल में रहने वाला है। अदालत में ऐसे चली सुनवाई अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों से मामले की स्थिति बदल गई है। आरोपी के वकील के मुताबिक दो गवाह उसके खिलाफ आरोप साबित नहीं कर सके। वहीं, मामले का एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी गवाह भी अपने बयान से मुकर गया, जिसके बाद अदालत ने उसे पक्षद्रोही घोषित कर दिया। बचाव पक्ष ने सरकारी पक्ष के सबूतों में कमियों और विरोधाभासों का भी हवाला दिया। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों के आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पूरे मुकदमे का संक्षिप्त ट्रायल नहीं किया जा सकता। मामले में सरकारी पक्ष के गवाहों के बयान अभी दर्ज किए जा रहे हैं। ऐसे में अदालत को परिस्थितियों में ऐसा कोई बदलाव नहीं मिला, जिसके आधार पर आरोपी को जमानत दी जा सके। अब सारे मामले तीन प्वाइंटों में जानिए 1. काफी समय से कर रहे थे परेशान – मिताली जीरकपुर की बादल कॉलोनी की रहने वाली थी। वह चंडीगढ़ के आईटी पार्क में नौकरी करती थी। उसके पिता सोहन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि सुल्तान मोहम्मद काफी समय से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। 2. जीरकपुर से अगवा कर ले गया था – शिकायत के मुताबिक, 7 मार्च 2025 को सुल्तान मोहम्मद अपने साथियों के साथ कार में मिताली को अगवा कर ले गया था। कार में बनूड़ निवासी राज भी था। इसके अलावा अमनदीप और रोहित भी उनके साथ थे।
3. तीन दिन के बाद नाले से मिला था शव – परिजनों के मुताबिक, मिताली के लापता होने पर उसके पिता ने जीरकपुर थाने में शिकायत दी थी। इसके तीन दिन बाद 10 मार्च की रात मिताली का शव राजपुरा के पास नाले में प्लास्टिक की चादर में लिपटा मिला था। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।

