बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.84 मीटर पर स्थिर:5 अंचल के 23 गांव बाढ़ से प्रभावित, 9,989 लोगों को मिल रही राहत

बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.84 मीटर पर स्थिर:5 अंचल के 23 गांव बाढ़ से प्रभावित, 9,989 लोगों को मिल रही राहत

बक्सर जिले में गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी अभी कम नहीं हुई है। गुरुवार दोपहर एक बजे गंगा का जलस्तर 59.84 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन के मुताबिक, पिछले चार घंटे से जलस्तर स्थिर है। नदी का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का निशान 60.32 मीटर है। इस तरह गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन स्थिति पर बनाए हुए है नजर आपदा शाखा से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 5 अंचल, 11 पंचायत और 23 गांव अभी बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में करीब 9,989 लोग प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन प्रभावित लोगों तक राहत और जरूरी सुविधाएं लगातार पहुंचा रहा है। जलस्तर स्थिर रहने के बावजूद प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसका मकसद यह है कि पानी बढ़ने की स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जा सके। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए 22 मेडिकल कैंप चलाए जा रहे हैं। इमरजेंसी में मरीजों को सुरक्षित जगह या अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 4 बोट एम्बुलेंस का इंतजाम किया गया है। अब तक 65.75 क्विंटल पशु चारा बांटा राहत और बचाव काम के लिए फिलहाल 24 नावें चल रही हैं। अब तक जिले में कुल 36 नावों का इस्तेमाल किया जा चुका है। राहत सामग्री बांटने के तहत प्रभावित परिवारों को अब तक 5,802 पॉलीथिन शीट दी जा चुकी हैं। गुरुवार को भी 823 पॉलीथिन शीट बांटी गईं। इसके अलावा, अब तक 400 फूड पैकेट या सूखा राशन पैकेट बांटे गए हैं, जबकि 400 और सूखा राशन पैकेट प्रभावित लोगों को दिए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए भी प्रशासन ने इंतजाम किए हैं। अब तक 65.75 क्विंटल पशु चारा बांटा जा चुका है। जिला प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य जरूरी मदद समय पर पहुंचाएं। बक्सर जिले में गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी अभी कम नहीं हुई है। गुरुवार दोपहर एक बजे गंगा का जलस्तर 59.84 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन के मुताबिक, पिछले चार घंटे से जलस्तर स्थिर है। नदी का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का निशान 60.32 मीटर है। इस तरह गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन स्थिति पर बनाए हुए है नजर आपदा शाखा से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 5 अंचल, 11 पंचायत और 23 गांव अभी बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में करीब 9,989 लोग प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन प्रभावित लोगों तक राहत और जरूरी सुविधाएं लगातार पहुंचा रहा है। जलस्तर स्थिर रहने के बावजूद प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसका मकसद यह है कि पानी बढ़ने की स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जा सके। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए 22 मेडिकल कैंप चलाए जा रहे हैं। इमरजेंसी में मरीजों को सुरक्षित जगह या अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 4 बोट एम्बुलेंस का इंतजाम किया गया है। अब तक 65.75 क्विंटल पशु चारा बांटा राहत और बचाव काम के लिए फिलहाल 24 नावें चल रही हैं। अब तक जिले में कुल 36 नावों का इस्तेमाल किया जा चुका है। राहत सामग्री बांटने के तहत प्रभावित परिवारों को अब तक 5,802 पॉलीथिन शीट दी जा चुकी हैं। गुरुवार को भी 823 पॉलीथिन शीट बांटी गईं। इसके अलावा, अब तक 400 फूड पैकेट या सूखा राशन पैकेट बांटे गए हैं, जबकि 400 और सूखा राशन पैकेट प्रभावित लोगों को दिए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए भी प्रशासन ने इंतजाम किए हैं। अब तक 65.75 क्विंटल पशु चारा बांटा जा चुका है। जिला प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य जरूरी मदद समय पर पहुंचाएं।  

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