सुलोचना के तत्वावधान में मध्य-सह-उच्च माध्यमिक विद्यालय लाखो में गुरुवार को 10 दिवसीय लोक नृत्य एवं रचनात्मक नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन डीपीआरओ नेहा कुमारी, चित्रकार इंद्र मोहन प्रसाद, केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक प्रवीण कुमार, मनीष कौशिक, प्रीति कुमारी, विद्यालय के प्राचार्य प्रशांत कुमार एवं सुलोचना के सचिव रवींद्र मनोहर ने किया। 100 बच्चों को दिया जाएगा लोक एवं रचनात्मक नृत्य का प्रशिक्षण कार्यशाला में 100 बच्चे भाग ले रहे हैं। बच्चों को लोक एवं रचनात्मक नृत्य का प्रशिक्षण प्रशिक्षक चंदन कुमार, शिवानी कुमारी एवं विशाल कुमार द्वारा दिया जाएगा। इस अवसर पर डीपीआरओ नेहा कुमारी ने कहा कि नृत्य और संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि करियर के भी बेहतर विकल्प हैं। बच्चों को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र से जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखारना चाहिए। ‘कला से भावनाओं और विचारों को बेहतर तरीके से पहुंचा सकते हैं’ चित्रकार इंद्र मोहन प्रसाद ने कहा कि कला एक सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए हम अपनी भावनाओं और विचारों को बेहतर ढंग से लोगों तक पहुंचा सकते हैं। वर्तमान परिवेश में कला का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में रोजगार की भी व्यापक संभावनाएं हैं और सरकार की ओर से विभिन्न स्तरों पर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का प्रयास सुलोचना के सचिव रवींद्र मनोहर ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा और व्यक्तित्व विकास के लिए लगातार इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। भविष्य में भी बच्चों के उत्थान और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन विशाल कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इंद्र मोहन प्रसाद ने किया। सुलोचना के तत्वावधान में मध्य-सह-उच्च माध्यमिक विद्यालय लाखो में गुरुवार को 10 दिवसीय लोक नृत्य एवं रचनात्मक नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन डीपीआरओ नेहा कुमारी, चित्रकार इंद्र मोहन प्रसाद, केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक प्रवीण कुमार, मनीष कौशिक, प्रीति कुमारी, विद्यालय के प्राचार्य प्रशांत कुमार एवं सुलोचना के सचिव रवींद्र मनोहर ने किया। 100 बच्चों को दिया जाएगा लोक एवं रचनात्मक नृत्य का प्रशिक्षण कार्यशाला में 100 बच्चे भाग ले रहे हैं। बच्चों को लोक एवं रचनात्मक नृत्य का प्रशिक्षण प्रशिक्षक चंदन कुमार, शिवानी कुमारी एवं विशाल कुमार द्वारा दिया जाएगा। इस अवसर पर डीपीआरओ नेहा कुमारी ने कहा कि नृत्य और संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि करियर के भी बेहतर विकल्प हैं। बच्चों को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र से जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखारना चाहिए। ‘कला से भावनाओं और विचारों को बेहतर तरीके से पहुंचा सकते हैं’ चित्रकार इंद्र मोहन प्रसाद ने कहा कि कला एक सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए हम अपनी भावनाओं और विचारों को बेहतर ढंग से लोगों तक पहुंचा सकते हैं। वर्तमान परिवेश में कला का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में रोजगार की भी व्यापक संभावनाएं हैं और सरकार की ओर से विभिन्न स्तरों पर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का प्रयास सुलोचना के सचिव रवींद्र मनोहर ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा और व्यक्तित्व विकास के लिए लगातार इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। भविष्य में भी बच्चों के उत्थान और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन विशाल कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इंद्र मोहन प्रसाद ने किया।

