फर्जीवाड़े के आरोप में पूर्व सपा नेता इस्तियाक को जेल:मुंबई से गिरफ्तार किया, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

फर्जीवाड़े के आरोप में पूर्व सपा नेता इस्तियाक को जेल:मुंबई से गिरफ्तार किया, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

सोनभद्र में पूर्व सपा नेता इस्तियाक खान को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने उन्हें मुंबई से गिरफ्तार करने के बाद गुरुवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन, एफटीसी सोनभद्र की अदालत में पेश किया। मामला कथित फर्जी चेक, फर्जी दस्तावेज, खनन पट्टे में गड़बड़ी और धोखाधड़ी से जुड़ा है। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनीं 10 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनीं। इसके बाद अदालत ने पुलिस का रिमांड प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए इस्तियाक खान को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने कोर्ट में बताया कि इस्तियाक खान इस मामले में नामजद आरोपी हैं। पुलिस के मुताबिक, वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और उनके बाहर भागने की आशंका भी थी। पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा यह मामला पीड़ित सुधीर कुमार श्रीवास्तव की पत्नी रिंकी श्रीवास्तव की शिकायत पर दर्ज किया गया था। ओबरा थाने में 12 जुलाई 2025 को मुकदमा अपराध संख्या 153/2025 दर्ज हुआ था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।
फर्जी हस्ताक्षर और जाली दस्तावेज के आरोप अदालत के आदेश में फर्जी हस्ताक्षर कर चेक का इस्तेमाल करने, जाली दस्तावेज तैयार करने और सरकारी विभागों में उनका इस्तेमाल करने के आरोपों का उल्लेख है। इसके अलावा गबन समेत अन्य आरोप भी मामले में शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। इस्तियाक खान के खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम फैसला मुकदमे की सुनवाई के बाद ही होगा। हाईकोर्ट के मध्यस्थता के निर्देश भी सफल नहीं हुए अदालत के आदेश में यह भी दर्ज है कि मामले से संबंधित प्रकरण में हाईकोर्ट ने मध्यस्थता के निर्देश दिए थे, लेकिन यह प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी। उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आधार पर्याप्त माना। कोर्ट ने मुकदमा अपराध संख्या 153/2025 में इस्तियाक खान को न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया। साथ ही नियमानुसार वारंट तैयार करने के निर्देश भी दिए।

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