लखनऊ में बरसात से पहले नाला सफाई में लापरवाही:पूर्व पार्षद ने नगर निगम पर उठाए सवाल, मुख्यमंत्री से जांच की मांग की

लखनऊ में बरसात से पहले नाला सफाई में लापरवाही:पूर्व पार्षद ने नगर निगम पर उठाए सवाल, मुख्यमंत्री से जांच की मांग की

लखनऊ के मैथिलीशरण गुप्त वार्ड में बरसात से पहले नाला सफाई को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा नेता व पूर्व पार्षद दिलीप श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि नालों की सफाई नहीं होने से जलभराव की स्थिति बनना स्वाभाविक है। उन्होंने चौड़े और भूमिगत नालों की सफाई का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। दिलीप श्रीवास्तव के मुताबिक वार्ड में नियमित और संविदा के करीब 85 सफाई कर्मचारी और कार्यदायी संस्था के 23 कर्मचारी तैनात हैं।इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने वाली छोटी नालियों की भी सफाई नहीं कराई गई।उन्होंने मौके पर निरीक्षण कर स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री, महापौर, मंडलायुक्त और नगर आयुक्त को पत्र भेजकर निष्पक्ष स्थलीय जांच की मांग की है।उनका कहना है कि जांच के बाद संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई होनी चाहिए। इन नालों की सफाई पर सवाल कलेवा चौराहा डी ब्लॉक से शिवाजी मार्केट, आम्रपाली चौराहा होते हुए बैरल नंबर-7 तक चौड़े और भूमिगत नाले की सफाई की जांच की मांग की गई है। द्वारिकापुरी मोड़ से कलेवा चौराहा और एसबीडी चौराहा से अग्रवाल प्लाजा, लेखराज नगीना होते हुए शेखर अस्पताल तक नाले की स्थिति का भी सत्यापन कराने को कहा गया है।सरकारी महिला अस्पताल से थाना गाजीपुर होते हुए एचएएल परिसर तक नाले की सफाई की जांच की मांग है। जिम्मेदारी तय करने की मांग लेखराज डॉलर से आवास विकास कार्यालय, भूतनाथ बेबीयन रेस्टोरेंट होते हुए भूतनाथ मंदिर तक दोनों पटरियों के नालों और निर्माणाधीन नाली में सड़क का पानी जाने के लिए बने होल की व्यवस्था की जांच की मांग की गई है। अरावली मार्ग से विधायक आवास के आगे, सब्जी मंडी होते हुए लेखराज डॉलर तक चौड़े नाले की सफाई और भूतनाथ मंदिर के सामने नाली की जिम्मेदारी भी तय करने को कहा गया है। दिलीप श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका भी जांची जानी चाहिए। उन्होंने GPS लोकेशन, सफाई के समय की फोटो-वीडियो, माप पुस्तिका, कार्य सत्यापन रिकॉर्ड, अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी और ठेकेदार के कार्य रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की।

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