नालंदा जिले में नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अब अविलंब अपने नजदीकी जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलर के पास पहुंचकर बायोमेट्रिक सत्यापन यानी ई-केवाईसी कराना होगा। विभाग ने राशन कार्ड जारी करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। अंगूठे का निशान नहीं लगाने पर राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। जिले में 50 हजार नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य था, लेकिन इसके मुकाबले 57,453 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें अब तक सिर्फ 13,351 आवेदकों का ई-केवाईसी हुआ है, जबकि 43,826 आवेदन का सत्यापन लंबित है। 13 सितंबर तक 27,727 का सत्यापन कराने का लक्ष्य लंबित ई-केवाईसी की संख्या को लेकर जिलाधिकारी उदिता सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 13 सितंबर तक कम से कम 27,727 आवेदकों का ई-केवाईसी हर हाल में पूरा कराया जाए। डीएम ने कहा कि इस काम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस्लामपुर में सबसे ज्यादा आवेदन नालंदा जिले को सरकार की ओर से 50 हजार नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया था। इसके मुकाबले 57 हजार से अधिक आवेदन मिले हैं। प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक आवेदन इस्लामपुर में 4,199, हिलसा में 3,976, सिलाव में 3,856, राजगीर में 3,460, एकंगरसराय में 3,450 और चंडी में 3,364 आए हैं। वहीं, सबसे कम 1,453 आवेदन बिंद प्रखंड में मिले हैं। ई-केवाईसी नहीं हुई तो अनाज मिलने में हो सकती है देरी विभागीय नियम के अनुसार, राशन कार्ड स्वीकृत होने और कार्डधारियों की अंतिम संख्या तय होने के बाद ही राज्य स्तर पर अनाज आवंटन का प्रस्ताव भेजा जाता है। ऐसे में ई-केवाईसी लंबित रहने से राशन कार्ड जारी होने में देरी हो सकती है। इसका असर लाभुकों को मिलने वाले मासिक खाद्यान्न के आवंटन पर भी पड़ सकता है। प्रशासन ने नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों से समय रहते अपने नजदीकी पीडीएस डीलर के पास जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराने की अपील की है। नालंदा जिले में नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अब अविलंब अपने नजदीकी जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलर के पास पहुंचकर बायोमेट्रिक सत्यापन यानी ई-केवाईसी कराना होगा। विभाग ने राशन कार्ड जारी करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। अंगूठे का निशान नहीं लगाने पर राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। जिले में 50 हजार नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य था, लेकिन इसके मुकाबले 57,453 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें अब तक सिर्फ 13,351 आवेदकों का ई-केवाईसी हुआ है, जबकि 43,826 आवेदन का सत्यापन लंबित है। 13 सितंबर तक 27,727 का सत्यापन कराने का लक्ष्य लंबित ई-केवाईसी की संख्या को लेकर जिलाधिकारी उदिता सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 13 सितंबर तक कम से कम 27,727 आवेदकों का ई-केवाईसी हर हाल में पूरा कराया जाए। डीएम ने कहा कि इस काम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस्लामपुर में सबसे ज्यादा आवेदन नालंदा जिले को सरकार की ओर से 50 हजार नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया था। इसके मुकाबले 57 हजार से अधिक आवेदन मिले हैं। प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक आवेदन इस्लामपुर में 4,199, हिलसा में 3,976, सिलाव में 3,856, राजगीर में 3,460, एकंगरसराय में 3,450 और चंडी में 3,364 आए हैं। वहीं, सबसे कम 1,453 आवेदन बिंद प्रखंड में मिले हैं। ई-केवाईसी नहीं हुई तो अनाज मिलने में हो सकती है देरी विभागीय नियम के अनुसार, राशन कार्ड स्वीकृत होने और कार्डधारियों की अंतिम संख्या तय होने के बाद ही राज्य स्तर पर अनाज आवंटन का प्रस्ताव भेजा जाता है। ऐसे में ई-केवाईसी लंबित रहने से राशन कार्ड जारी होने में देरी हो सकती है। इसका असर लाभुकों को मिलने वाले मासिक खाद्यान्न के आवंटन पर भी पड़ सकता है। प्रशासन ने नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों से समय रहते अपने नजदीकी पीडीएस डीलर के पास जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराने की अपील की है।

