नालंदा के बेन थाना क्षेत्र के चंद्र बिगहा गांव के पास नोनिया घाट स्थित पैमार नदी में गुरुवार को डूबने से 65 वर्षीय किसान अर्जुन प्रसाद की मौत हो गई। मृतक चंद्र बिगहा गांव निवासी स्व. रघुनंदन प्रसाद के पुत्र थे। वे खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। खेत में खाद डालने जा रहे थे, नदी में डूबे मृतक के भाई अशोक कुमार ने बताया कि अर्जुन प्रसाद गुरुवार सुबह करीब 8 बजे घर से निकले थे। उन्हें नदी के उस पार स्थित खेत में उर्वरक डालने जाना था। नदी पार करने के लिए उन्होंने अपने कपड़े किनारे पर रख दिए और अंडरवियर में नदी में उतर गए। परिजनों के अनुसार, अर्जुन को हल्का तैरना आता था, लेकिन नदी के बीच में पानी गहरा होने के कारण वह डूब गए और नदी पार नहीं कर सके। कपड़े देखकर परिजनों को हुई अनहोनी की आशंका अर्जुन प्रसाद तीन-चार घंटे तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन करते हुए परिजन नोनिया घाट पहुंचे। वहां नदी किनारे उनके कपड़े रखे मिले। कपड़े देखकर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने नदी में डूबने का अंदेशा जताया। इसके बाद गांव के लोगों ने नदी में उनकी तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 3 बजे नदी किनारे से अर्जुन प्रसाद का शव बरामद किया गया। मृतक का एक ही बेटा है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलते ही बेन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बेन थानाध्यक्ष रवि राज ने बताया कि नदी में डूबने से मौत की सूचना पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। नालंदा के बेन थाना क्षेत्र के चंद्र बिगहा गांव के पास नोनिया घाट स्थित पैमार नदी में गुरुवार को डूबने से 65 वर्षीय किसान अर्जुन प्रसाद की मौत हो गई। मृतक चंद्र बिगहा गांव निवासी स्व. रघुनंदन प्रसाद के पुत्र थे। वे खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। खेत में खाद डालने जा रहे थे, नदी में डूबे मृतक के भाई अशोक कुमार ने बताया कि अर्जुन प्रसाद गुरुवार सुबह करीब 8 बजे घर से निकले थे। उन्हें नदी के उस पार स्थित खेत में उर्वरक डालने जाना था। नदी पार करने के लिए उन्होंने अपने कपड़े किनारे पर रख दिए और अंडरवियर में नदी में उतर गए। परिजनों के अनुसार, अर्जुन को हल्का तैरना आता था, लेकिन नदी के बीच में पानी गहरा होने के कारण वह डूब गए और नदी पार नहीं कर सके। कपड़े देखकर परिजनों को हुई अनहोनी की आशंका अर्जुन प्रसाद तीन-चार घंटे तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन करते हुए परिजन नोनिया घाट पहुंचे। वहां नदी किनारे उनके कपड़े रखे मिले। कपड़े देखकर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने नदी में डूबने का अंदेशा जताया। इसके बाद गांव के लोगों ने नदी में उनकी तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 3 बजे नदी किनारे से अर्जुन प्रसाद का शव बरामद किया गया। मृतक का एक ही बेटा है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलते ही बेन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बेन थानाध्यक्ष रवि राज ने बताया कि नदी में डूबने से मौत की सूचना पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

