मुंगेर के कोतवाली थाना क्षेत्र के लाल दरवाजा इलाके में अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर शराब कारोबारियों ने पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले में तीन पुलिस पदाधिकारी और दो होमगार्ड जवानों को हल्की चोटें आईं। पथराव में उत्पाद विभाग के सरकारी वाहन का शीशा भी टूट गया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच नामजद आरोपितों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो आरोपित फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। श्रीकृष्ण सेतु के पास शराब छिपाने की मिली थी सूचना जिला उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि लाल दरवाजा निवासी विनोद यादव ने श्रीकृष्ण सेतु के पुल संख्या 34 और 35 के पास स्थित अपने बासा में अवैध शराब छिपाकर रखी है। सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग के निरीक्षक धर्मवीर कुमार, अवर निरीक्षक पिंटू साह, जमादार रमाकांत राम, बृजमोहन भगत समेत पुलिस जवानों की टीम छापेमारी करने पहुंची। झोपड़ी के आसपास जांच के दौरान शुरू हुआ विवाद मौके पर पहुंची टीम ने विनोद यादव से पूछताछ की और खेत में बनी झोपड़ी के आसपास जांच शुरू की। इसी दौरान विनोद यादव के पुत्र विकास यादव उर्फ विपिन कुमार ने पुलिस टीम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि विकास यादव, धर्मवीर यादव, रौशन कुमार और राजेश कुमार ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक पथराव से मची भगदड़ अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरातफरी मच गई। पुलिस पदाधिकारियों ने हमलावरों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन सभी मौके से फरार हो गए। पथराव में उत्पाद विभाग के वाहन का एक शीशा टूट गया। 3 पुलिस पदाधिकारी और 2 होमगार्ड घायल हमले में अवर निरीक्षक पिंटू साह, जमादार रमाकांत राम, बृजमोहन भगत तथा होमगार्ड जवान विकास कुमार और निषाद कुमार को हल्की चोटें आईं। सभी घायलों का सदर अस्पताल में उपचार कराया गया। लाल दरवाजा टीओपी के सहयोग से तीन गिरफ्तार घटना के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने लाल दरवाजा टीओपी पुलिस के सहयोग से इलाके में छापेमारी की। इस दौरान विनोद यादव और उसके दो पुत्रों विकास यादव तथा धर्मवीर यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को आगे की कार्रवाई के लिए कोतवाली थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पांच नामजद आरोपितों पर FIR सहायक आयुक्त मद्यनिषेध विकेश कुमार ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कोतवाली थाना में पांच नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें विनोद यादव, उसके पुत्र विकास यादव और धर्मवीर यादव के अलावा रौशन कुमार और राजेश कुमार शामिल हैं। विनोद यादव समेत तीन आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि रौशन कुमार और राजेश कुमार फरार हैं। पहले भी दर्ज हैं अवैध शराब के मामले सहायक आयुक्त के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ उत्पाद थाना और कोतवाली थाना में अवैध शराब की खरीद-बिक्री से संबंधित कई मामले पहले से दर्ज हैं। आरोपित पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। विभाग को सूचना मिली थी कि आरोपितों ने दोबारा अवैध शराब का कारोबार शुरू कर दिया है। पुलिस को डराकर कार्रवाई रोकने की कोशिश का आरोप सहायक आयुक्त ने कहा कि लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार से जुड़े आरोपितों ने पुलिस टीम को भयभीत कर छापेमारी और कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। फरार दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मुंगेर के कोतवाली थाना क्षेत्र के लाल दरवाजा इलाके में अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर शराब कारोबारियों ने पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले में तीन पुलिस पदाधिकारी और दो होमगार्ड जवानों को हल्की चोटें आईं। पथराव में उत्पाद विभाग के सरकारी वाहन का शीशा भी टूट गया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच नामजद आरोपितों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो आरोपित फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। श्रीकृष्ण सेतु के पास शराब छिपाने की मिली थी सूचना जिला उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि लाल दरवाजा निवासी विनोद यादव ने श्रीकृष्ण सेतु के पुल संख्या 34 और 35 के पास स्थित अपने बासा में अवैध शराब छिपाकर रखी है। सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग के निरीक्षक धर्मवीर कुमार, अवर निरीक्षक पिंटू साह, जमादार रमाकांत राम, बृजमोहन भगत समेत पुलिस जवानों की टीम छापेमारी करने पहुंची। झोपड़ी के आसपास जांच के दौरान शुरू हुआ विवाद मौके पर पहुंची टीम ने विनोद यादव से पूछताछ की और खेत में बनी झोपड़ी के आसपास जांच शुरू की। इसी दौरान विनोद यादव के पुत्र विकास यादव उर्फ विपिन कुमार ने पुलिस टीम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि विकास यादव, धर्मवीर यादव, रौशन कुमार और राजेश कुमार ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक पथराव से मची भगदड़ अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरातफरी मच गई। पुलिस पदाधिकारियों ने हमलावरों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन सभी मौके से फरार हो गए। पथराव में उत्पाद विभाग के वाहन का एक शीशा टूट गया। 3 पुलिस पदाधिकारी और 2 होमगार्ड घायल हमले में अवर निरीक्षक पिंटू साह, जमादार रमाकांत राम, बृजमोहन भगत तथा होमगार्ड जवान विकास कुमार और निषाद कुमार को हल्की चोटें आईं। सभी घायलों का सदर अस्पताल में उपचार कराया गया। लाल दरवाजा टीओपी के सहयोग से तीन गिरफ्तार घटना के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने लाल दरवाजा टीओपी पुलिस के सहयोग से इलाके में छापेमारी की। इस दौरान विनोद यादव और उसके दो पुत्रों विकास यादव तथा धर्मवीर यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को आगे की कार्रवाई के लिए कोतवाली थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पांच नामजद आरोपितों पर FIR सहायक आयुक्त मद्यनिषेध विकेश कुमार ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कोतवाली थाना में पांच नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें विनोद यादव, उसके पुत्र विकास यादव और धर्मवीर यादव के अलावा रौशन कुमार और राजेश कुमार शामिल हैं। विनोद यादव समेत तीन आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि रौशन कुमार और राजेश कुमार फरार हैं। पहले भी दर्ज हैं अवैध शराब के मामले सहायक आयुक्त के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ उत्पाद थाना और कोतवाली थाना में अवैध शराब की खरीद-बिक्री से संबंधित कई मामले पहले से दर्ज हैं। आरोपित पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। विभाग को सूचना मिली थी कि आरोपितों ने दोबारा अवैध शराब का कारोबार शुरू कर दिया है। पुलिस को डराकर कार्रवाई रोकने की कोशिश का आरोप सहायक आयुक्त ने कहा कि लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार से जुड़े आरोपितों ने पुलिस टीम को भयभीत कर छापेमारी और कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। फरार दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

