उन्नाव जिला महिला अस्पताल में गुरुवार रात को एक महिला ने एक साथ तीन बेटियों को जन्म दिया। खास बात यह रही कि तीनों बच्चियां स्वस्थ हैं और प्रत्येक का वजन दो किलो से अधिक है। महिला की भी हालत सामान्य बताई गई है। तीन बच्चों की एक साथ डिलीवरी होने के बाद अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने जच्चा-बच्चा की निगरानी की। चिकित्सकों के मुताबिक, तीनों बच्चियां रो रही हैं और ठीक से दूध भी पी रही हैं। जानकारी के अनुसार, बिटोल (30) निवासी भवानीखेड़ा, उन्नाव के पति दिलीप खेती-किसानी करते हैं। दंपती के पहले से एक बेटा और एक बेटी हैं। अब एक साथ तीन बेटियों के जन्म से परिवार में खुशियां छा गई हैं। शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में महिला की सिजेरियन डिलीवरी कराई गई। इसके बाद तीनों नवजात बच्चियों को बाल रोग विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया। तीनों बच्चों की स्थिति सामान्य से अलग अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रेनू वर्मा ने बताया कि महिला की गर्भावस्था पूरी अवधि की थी और नियमित जांच भी कराई जा रही थी। तीनों बच्चों का जन्म सफलतापूर्वक कराया गया। उन्होंने बताया कि तीन बच्चों का एक साथ जन्म होना ट्रिपलेट प्रेग्नेंसी कहलाता है। ऐसी गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर समेत कई जटिलताओं की आशंका रहती है। इसके अलावा प्रसव के दौरान भी विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। डॉ. रेनू वर्मा के अनुसार, तीनों बच्चों की गर्भ में स्थिति सामान्य प्रसव के अनुकूल नहीं थी। एक बच्चा आड़ा था, दूसरा उल्टी स्थिति में था, जबकि तीसरा सीधी स्थिति में था। ऐसे में सामान्य प्रसव का प्रयास करना उचित नहीं था। इसी कारण चिकित्सकों ने ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराने का निर्णय लिया। 10 से 12 मिनट में हुआ ऑपरेशन डॉ. रेनू वर्मा ने बताया कि जिला स्तर के अस्पताल में आईसीयू जैसी सुविधाओं के अभाव में इस तरह के मामलों को संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके बावजूद चिकित्सकीय टीम ने सावधानी के साथ ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया। उनके मुताबिक, ऑपरेशन में करीब 10 से 12 मिनट लगे। प्रसव के बाद तीनों बच्चियां रो रही थीं और उनकी स्थिति संतोषजनक थी। उन्होंने बताया कि जिन नवजातों का वजन 2500 ग्राम से कम होता है, उन्हें निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुसार कुछ समय तक निगरानी में रखना जरूरी होता है। इसी वजह से तीनों बच्चियों को कुछ समय के लिए मशीन में रखकर निगरानी की गई। 24 घंटे बाद भी तीनों बच्चियां ठीक से दूध पी रही थीं और सामान्य रूप से रो रही थीं। मां की हालत भी सामान्य चिकित्सक के अनुसार, ऑपरेशन के बाद महिला की हालत भी ठीक रही। प्रसव के करीब 24 घंटे बाद उसकी स्थिति संतोषजनक थी। मां और तीनों नवजात बच्चियों के स्वस्थ होने से चिकित्सकीय टीम ने राहत की सांस ली। एक साथ तीन बेटियों के जन्म की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है।

