हरियाणा मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन तथा पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने शुक्रवार को अपनी धर्मपत्नी पूनम बत्रा के साथ हिसार चुंगी स्थित बाल भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाल भवन में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और कंप्यूटर सेंटर को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित कर दोबारा क्रियाशील बनाने पर जोर दिया। साथ ही महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता जताई। बाल कल्याण अधिकारी ने किया स्वागत जिला बाल कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश ने बुके भेंट कर न्यायमूर्ति ललित बत्रा का स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति बत्रा ने बाल भवन परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने सिलाई सेंटर, कंप्यूटर सेंटर, लाइब्रेरी और डे केयर सेंटर का निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने कंप्यूटर सेंटर को आधुनिक उपकरणों और आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित कर फिर से शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवाओं को कौशल विकास एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए ब्यूटीशियन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया जाना चाहिए। इससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। ऑडिटोरियम के निर्माण की आवश्यकता पर जोर उन्होंने बाल भवन में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा परिसर में ऑडिटोरियम के निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि बाल भवन जैसी संस्थाएं बच्चों, युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने डे केयर सेंटर में दो बच्चों के साथ उनका जन्मदिन मनाया। उन्होंने बच्चों को फल, चॉकलेट और टॉफियां वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने बाल भवन में विजिटर डायरी की शुरुआत भी की और उसमें अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना करते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। हांसी जिले में वृद्धजनों की देखभाल और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ओल्ड एज होम स्थापित करने की अनुशंसा सरकार को भेजी गई है। इससे जिले के बुजुर्गों को देखभाल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में पहल हो सकेगी।

