Worker Welfare:औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ेंगी सुविधाएं, कामकाजी महिलाओं के लिए क्रेच और शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

Worker Welfare:औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ेंगी सुविधाएं, कामकाजी महिलाओं के लिए क्रेच और शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

Labour Benefits: जयपुर. औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कामगारों और उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रीको द्वारा नियमों में किए गए संशोधन के तहत अब औद्योगिक क्षेत्रों में जनसुविधाओं के विकास के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल और अधिक लाभकारी बना दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य कामगारों को उनके कार्यस्थल के पास ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है।

संशोधित प्रावधानों के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस चौकी, ईएसआई डिस्पेंसरी, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी विद्यालय और बाल देखभाल केंद्र (क्रेच) के लिए भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कामगारों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
नए नियमों के तहत पुलिस चौकी के लिए अधिकतम 1 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी, जिस पर केवल 10 रुपए का एकमुश्त प्रतीकात्मक किराया लिया जाएगा और कोई सेवा शुल्क नहीं देना होगा। इसी तरह सरकारी विद्यालयों के लिए भी सर्विस एरिया में भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कामगारों के बच्चों को पास में ही शिक्षा मिल सकेगी।

कामकाजी महिलाओं को ध्यान में रखते हुए क्रेच सुविधा की विशेष व्यवस्था की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग या स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के माध्यम से 250 वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्र में क्रेच स्थापित किए जा सकेंगे। इसके लिए भी भूमि निःशुल्क दी जाएगी और केवल 10 रुपये का प्रतीकात्मक किराया लिया जाएगा। इससे महिलाओं को अपने बच्चों की देखभाल की चिंता के बिना काम करने में सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को कैलिब्रेशन टावर और उपभोक्ता मामलों के विभाग को वर्किंग एवं सेकेंडरी स्टैंडर्ड लैब स्थापित करने के लिए भी निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यदि अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी, तो उसका आवंटन निर्धारित दरों पर किया जाएगा।

रीको के इन नए प्रावधानों से औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे न केवल उद्योगों को गति मिलेगी बल्कि कामगारों और स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर और सुरक्षित वातावरण प्राप्त होगा। यह पहल औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक कल्याण को भी मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

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