बलिया के विकास भवन सभागार में शुक्रवार शाम नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार, लेखिका और अधिवक्ता श्वेता पाण्डेय ने की। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने उन्हें पुष्प गुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। डीएम ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लक्ष्य उन्हें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाना है। प्रेसवार्ता में वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस पहल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह देश की महिलाओं को नीति निर्माण की मुख्यधारा में लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इसे केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र को अधिक समावेशी और संतुलित बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। वक्ताओं ने बताया कि संसद में इस अधिनियम के क्रियान्वयन से संबंधित संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी है। यह विधेयक देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी सुनिश्चित करेगा। साथ ही, यह लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने में सहायक होगा। यह भी उल्लेख किया गया कि महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, खेल, कृषि और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में पहले ही अपनी क्षमता साबित कर चुकी हैं। अब उन्हें नीति निर्माण के सर्वोच्च मंचों पर भी पर्याप्त अवसर मिलने की आवश्यकता है। यह अधिनियम केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भूमिका देने का प्रयास है, ताकि उनकी संवेदनशीलता और अनुभव देश की नीतियों में परिलक्षित हो सकें। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन, जिला सूचना अधिकारी ऋषभ देव त्रिपाठी, अरुण कुमार और सूचना विभाग के सभी कर्मचारी उपस्थित थे।


