नवादा में 21 साल बाद मर्डर केस में फैसला:गोली मारकर हुई थी हत्या, 5 लोगों को आजीवन कारावास की सजा

नवादा में 21 साल बाद मर्डर केस में फैसला:गोली मारकर हुई थी हत्या, 5 लोगों को आजीवन कारावास की सजा

नवादा न्यायालय ने 21 साल पुराने हत्या के एक मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2005 का है, जिसमें एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना हिसुआ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में हुई थी। गली और नाली के विवाद को लेकर हुए झगड़े के दौरान दीनानाथ सिंह के पुत्र राकेश कुमार को गोली मार दी गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस संबंध में वाल्मीकि सिंह ने हिसुआ थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। 5 हजार रुपये के आर्थिक दंड से भी दंडित किया गया आज दिनांक 18 अप्रैल 2026 को माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय, श्री उपेंद्र कुमार की अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया। हिसुआ थाना कांड संख्या 39/05 से जुड़े इस मामले में शशिभूषण शर्मा, अरुण सिंह, अनिरुद्ध सिंह उर्फ टुनटुन, अनिल सिंह और विपिन सिंह उर्फ कुणाल को दोषी पाया गया। न्यायालय ने सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया। इसके अतिरिक्त, आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत उन्हें तीन वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये के आर्थिक दंड से भी दंडित किया गया। एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा आर्थिक दंड का भुगतान न करने पर हत्या के मामले में छह महीने और आर्म्स एक्ट के मामले में एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक दीपक कुमार और सहायक अभियोजक नवनीत कुमार ने पैरवी की। नवादा न्यायालय ने 21 साल पुराने हत्या के एक मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2005 का है, जिसमें एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना हिसुआ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में हुई थी। गली और नाली के विवाद को लेकर हुए झगड़े के दौरान दीनानाथ सिंह के पुत्र राकेश कुमार को गोली मार दी गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस संबंध में वाल्मीकि सिंह ने हिसुआ थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। 5 हजार रुपये के आर्थिक दंड से भी दंडित किया गया आज दिनांक 18 अप्रैल 2026 को माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय, श्री उपेंद्र कुमार की अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया। हिसुआ थाना कांड संख्या 39/05 से जुड़े इस मामले में शशिभूषण शर्मा, अरुण सिंह, अनिरुद्ध सिंह उर्फ टुनटुन, अनिल सिंह और विपिन सिंह उर्फ कुणाल को दोषी पाया गया। न्यायालय ने सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया। इसके अतिरिक्त, आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत उन्हें तीन वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये के आर्थिक दंड से भी दंडित किया गया। एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा आर्थिक दंड का भुगतान न करने पर हत्या के मामले में छह महीने और आर्म्स एक्ट के मामले में एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक दीपक कुमार और सहायक अभियोजक नवनीत कुमार ने पैरवी की।  

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