फरीदाबाद में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर एक वकील से 14 लाख 25 हजार और नौकरी लगवाने के नाम पर 3 लाख 14 हजार रुपए रुपए ठग लिए गए। पुलिस ने एक मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि दूसरे मामले में गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। पहला मामला, मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी का है। सेक्टर-12 स्थित जिला कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता अजय कुमार शर्मा ने सेंट्रल थाना पुलिस को शिकायत दी है कि उनके बेटे ने वर्ष 2024 में नीट परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद उन्हें कई फोन कॉल आने लगे, जिनमें मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के ऑफर दिए जा रहे थे। इसी दौरान “कैरियर प्लान-बी” नामक संस्था से जुड़ी प्रियंका नाम की महिला ने उनसे संपर्क किया और गुड़गांव स्थित कार्यालय में मिलने के लिए बुलाया। राजस्थान के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का भरोसा अजय शर्मा अपने परिवार के साथ बताए गए पते पर पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात शहनाज हुसैन से कराई गई, जिसे कंपनी की सीईओ बताया गया। दोनों ने भरोसा दिलाया कि उनके बेटे का राजस्थान के एक मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पक्का कराया जाएगा। आरोपियों ने काउंसलिंग, इंटरव्यू तैयारी और प्रक्रिया शुल्क के नाम पर पहले 1 लाख 50 हजार रुपए नकद ले लिए। जब पीड़ित ने रसीद मांगी तो कहा गया कि रसीद कॉलेज से ही मिलेगी। इसके बाद अलग-अलग चरणों में काउंसलिंग और सीट बुकिंग के नाम पर करीब 2 लाख 75 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए। आरोपियों ने परिवार को विश्वास दिलाया कि मेडिकल कॉलेज में एडमिशन की प्रक्रिया जटिल होती है और हर चरण में अलग-अलग फीस देनी पड़ती है। मार्च 2025 में आरोपियों ने कहा कि राजस्थान के मेडिकल कॉलेज में सीट कन्फर्म हो चुकी है और एडमिशन फाइनल करने के लिए 10 लाख रुपए और देने होंगे। आरोप है कि दबाव बनाकर यह रकम गुलाम हुसैन नामक व्यक्ति के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करवा ली गई। इस तरह पीड़ित से कुल 14 लाख 25 हजार रुपए ठग लिए गए। जयपुर पहुंचने पर हुआ फ्रॉड का खुलासा पीड़ित के अनुसार, 20 मार्च 2025 को जब वह अपने बेटे को लेकर जयपुर स्थित संबंधित मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो सच्चाई सामने आई। कॉलेज प्रशासन से पूछताछ करने पर पता चला कि वहां किसी भी सीट की बुकिंग नहीं हुई है और कंपनी कर्मचारी गुलाब हुसैन नाम का कोई व्यक्ति कॉलेज से जुड़ा नहीं है। इसके बाद जब पीड़ित ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने टालमटोल शुरू कर दी और बाद में परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। आखिरकार पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दी। सेंट्रल थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नौकरी दिलाने के नाम पर हड़पे 3 लाख 14 हजार वहीं, दूसरा मामला नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का है। इस मामले में थाना एसजीएम नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवेश निवासी प्रताप नगर, नॉर्थ दिल्ली और सन्नी निवासी भगत सिंह नगर, हिसार, हाल निवासी बुध बाजार, नगर दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि ददसिया गांव निवासी संजीत कुमार ने शिकायत दी थी कि उसकी जान-पहचान आकाश नाम के व्यक्ति से हुई थी। आकाश ने उसे भरोसा दिलाया कि वह लोगों को अच्छी नौकरी दिलाने का काम करता है। उसकी बातों में आकर संजीत कुमार ने अपने साले को नौकरी दिलाने के लिए 3 लाख 14 हजार रुपए आकाश के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद संजीत ने अन्य नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को भी आकाश से मिलवा दिया। आरोपी आकाश ने अपने साथियों प्रवेश, सन्नी और अन्य लोगों के साथ मिलकर कई युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उनसे पैसे ऐंठ लिए। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कुल 31 लाख 74 हजार रुपए की ठगी की है। चार साल पहले हुई थी मुलाकात पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता की मुलाकात आरोपी आकाश से वर्ष 2022 में हुई थी। उसी दौरान उसने खुद को नौकरी दिलाने वाला बताकर विश्वास में लिया और अपने साथियों के साथ मिलकर धीरे-धीरे कई लोगों से पैसे ऐंठ लिए। इस मामले में पुलिस ने 14 अप्रैल को मुख्य आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर चार दिन के पुलिस रिमांड के बाद जेल भेज दिया था। वहीं अब पुलिस ने उसके दो अन्य साथियों प्रवेश और सन्नी को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और मामले की जांच जारी है।


