बाड़मेर। बाड़मेर जिला मुख्यालय पर जसदेर धाम से गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की विधिवत शुरुआत की गई। जसदेर तालाब की पूजा-अर्चना के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। साथ ही जसदेर तालाब के किनारे जनप्रतिनिधियां व अधिकारियों ने पौधरोपण भी किया।
जसदेर धाम परिसर में पोकरण विधायक प्रतापपुरी, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी, प्रभारी सचिव रोहित गुप्ता, जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल, समाजसेवी अनंतराम विश्नोई, किशोरसिंह कानोड़, देवीलाल कुमावत, रमेशसिंह इंदा और ईश्वरचंद नवल ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ तालाब की पूजा-अर्चना कर वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की शुरुआत की। इसके उपरांत जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने जसदेर धाम परिसर में पौधारोपण कर ‘एकपेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हरियालो राजस्थान एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
पोकरण विधायक प्रतापपुरी ने कहा कि भारतवासी प्रकृति प्रेमी रहे हैं। हमारी सदियों पुरानी जल स्रोतों रूपी धरोहर को बचाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की पहल की है। विशेषकर युवा पीढ़ी को जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने के साथ जनभागीदारी से कार्य करना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की इस अनुपम धरोहर को बचाकर रखा जा सके।
बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी ने कहा कि बाड़मेर के लोग पानी की कीमत को वास्तविक रूप से जानते हैं। यहां घी से भी पानी को महंगा माना जाता है। इसकी कहावत भी प्रचलित रही है। महिलाएं कई किमी दूर से पानी लाती रही हैं, लेकिन मौजूदा समय में हम पानी की महत्ता को भूलते जा रहे हैं। कई बार पानी व्यर्थ बहता रहता है। उन्होंने कहा कि इस परिपाटी को बदलने एवं जल तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर कार्य करने की जरूरत है।
कार्यक्रम की शुरुआत में भाजपा जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई ने कहा कि पानी की एक-एक बूंद कीमती है, इसे व्यर्थ नहीं बहाएं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक इस अभियान से जुड़कर जल एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेन्द्रसिंह चांदावत ने कार्यक्रम में सहभागिता के लिए सभी का आभार जताते हुए इस अभियान में आमजन से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार, उपवन संरक्षक सविता दहिया, यूआईटी सचिव श्रवणसिंह राजावत, उपखंड अधिकारी यशार्थ शेखर, तहसीलदार हुकमीचंद, अधीक्षण अभियंता हजारीराम बालवा, फरसाराम गौड़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णुराम विश्नोई, सहायक वन संरक्षक छोटूसिंह भाटी, अधिशाषी अभियंता हनुमानराम चौधरी, विकास अधिकारी प्रदीप इनाणिया, नीतू व्यास, समाजसेवी कैलाश कोटड़िया, मूलसिंह राजपुरोहित समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी तादाद में महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत में जनप्रतिनिधियों, प्रभारी सचिव एवं जिला कलक्टर समेत अन्य अतिथियों को वन विभाग की ओर से तुलसी के पौधे स्मृति चिह्न के तौर पर भेंट किए गए। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी भगवान बारूपाल ने किया। इस दौरान बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी के विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कोष से 10 दिव्यांगों को स्कूटी वितरित की गई।
इस अभियान के तहत आगामी 5 जून तक जल संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण, स्वच्छता, पौधारोपण, जल स्रोतों की सफाई, पर्यावरण जागरूकता रैलियां, श्रमदान, संगोष्ठियां एवं जनभागीदारी आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से आमजन में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति व्यापक जागरूकता विकसित करने एवं इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।
इधर, जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल एवं पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।


