मुंबई में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ मध्य रेल ने बड़ा अभियान चलाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों यानी अप्रैल और मई के दौरान मुंबई मंडल के टिकट चेकिंग स्टाफ ने 4.30 लाख से अधिक बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा और उनसे 30.13 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला।
यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में बेहद चौंकाने वाला है। तब दो महीनों में 2.75 लाख अवैध यात्रियों से 12.02 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। इस तरह रेलवे को टिकट चेकिंग से होने वाली आय में 150 प्रतिशत से अधिक और मामलों की संख्या में 56 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है।
मई में 2 लाख से ज्यादा यात्री पकड़े गए
मध्य रेल के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 के दौरान ही बिना टिकट यात्रा के 2.02 लाख मामले सामने आए। इन यात्रियों से जुर्माने के रूप में 14 करोड़ रुपये वसूले गए। पिछले वर्ष मई महीने में 1.30 लाख मामलों से 5.95 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। इस बार आय में 135 प्रतिशत से अधिक और मामलों की संख्या में 56 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है।
मेल-एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों में सबसे ज्यादा कार्रवाई
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर व जनरल कोचों के साथ-साथ उपनगरीय ट्रेनों के द्वितीय श्रेणी डिब्बों में लगातार चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियान बेहद प्रभावी साबित हुए हैं।
अप्रैल से मई 2026 के दौरान इन श्रेणियों में कुल 3.04 लाख मामले पकड़े गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 2.02 लाख मामले सामने आए थे। यह 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है।
इन मामलों से रेलवे ने 24.77 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 10.12 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। यानी आय में करीब 145 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मई 2026 में अकेले 1.46 लाख मामलों से 11.71 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। पिछले साल इसी महीने 97,046 मामलों से 5.09 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
एसी लोकल ट्रेनों में भी बढ़ी सख्ती
मुंबई की एसी लोकल ट्रेनों में भी बिना वैध टिकट के यात्रा करने वालों के खिलाफ रेलवे ने विशेष अभियान चलाया। अप्रैल से मई के दौरान एसी लोकल ट्रेनों में 25,924 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 21,081 मामले सामने आए थे। इन यात्रियों से 80.97 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 68.53 लाख रुपये था। इस तरह आय में 18 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई।
मई 2026 में एसी लोकल ट्रेनों में 13,226 यात्रियों को बिना टिकट या अनियमित यात्रा करते हुए पकड़ा गया। उनसे 41.31 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। पिछले वर्ष मई में 10,661 मामलों से 34.15 लाख रुपये की वसूली हुई थी।
वहीँ, रेलवे ने अन्य श्रेणियों में भी व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया। अप्रैल-मई 2026 के दौरान प्रथम श्रेणी के डिब्बों में अनियमित यात्रा के 23,447 मामले सामने आए, जिनसे 74.61 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में किराया अंतर से जुड़े 58,748 मामलों में 3.61 करोड़ रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा बिना बुक किए गए सामान के 17,000 मामलों में रेलवे ने 19.45 लाख रुपये का जुर्माना वसूला।


