संडे बोल – आपकी आवाज : आज का सवाल – जैसलमेर में भीषण गर्मी का दौर निरंतर जारी है। सीमावर्ती जिले में लोगों को बचाव के लिए क्या करना आवश्यक है?
इस बार मरुस्थलीय जैसलमेर जिले में गर्मी नित नए रिकॉर्ड बना रही है। पारा लगातार उठान पर है और भीषण गर्मी के साथ लू चलने से लोग अस्वस्थ भी हो रहे है । इसके साथ ही काम-धंधों में मंदी का दौर चल रहा है। शासन से लेकर प्रशासन तक लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की अपील कर रहा है।
आत्म-विकास का अवसर
भीषण गर्मी के मौसम में प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पढऩे, योग-व्यायाम करने, नई भाषा सीखने, कंप्यूटर कौशल विकसित करने व परिवार के साथ समय बिताने में लगाया जाए, तो मौसम की मार से बचाव के साथ आत्म-विकास भी संभव है।
– प्रकाश कोहली
अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें
भीषण गर्मी और लू के दौर में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। ओआरएस, छाछ, नींबू पानी और मौसमी फलों का सेवन शरीर में पानी और लवण की कमी नहीं होने देता।
– प्रशांत आचार्य
सामाजिक सरोकारों की जरूरत
जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्र में गर्मी के दौरान सामाजिक सहयोग भी जरूरी है। सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की जानी चाहिए और राहगीरों को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करना हमारी जिम्मेदारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
– सुरेश सिंहटा
बच्चों का बचाव किया जाए
गर्मी की छुट्टियों में बच्चों का अधिकांश समय घर पर बीतता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को तेज धूप में खेलने से रोकें और उन्हें पर्याप्त पानी पीने की आदत डालें। हल्के रंग के सूतीकपड़े पहनना, पौष्टिक भोजन लेना और मोबाइल या टीवी के बजाय घर के भीतर रचनात्मक गतिविधियों में समय बिताना बेहतर रहेगा।
– दिनेश रामपुरा
अगले सप्ताह का सवाल
जैसलमेर जिले भर में आए दिन सडक़ हादसे घटित होते हैं। इन हादसों के लिए परिस्थितियों से ज्यादा क्या व्यक्तिगत लापरवाही जिम्मेदार होती है? इनसे कैसे बचा जाए, इस संबंध में प्रतिक्रिया फोटो सहित निम्न नम्बर पर भिजवाएं। 9462246222


