लखीमपुर खीरी में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तेज धूल भरी आंधी और झोंकेदार हवाओं के कारण दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। सड़कों पर दृश्यता कम होने से स्कूल जाने वाले बच्चों और ड्यूटी पर निकले लोगों को परेशानी हुई। वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। आंधी के बाद तेज बारिश शुरू हुई, जिससे मौसम साफ हो गया और गर्मी से राहत मिली। जिले के निघासन, मैगलगंज, कस्ता, मितौली और तिकुनिया सहित कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बड़े पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन लंबे समय तक बाधित रहा। इससे स्थानीय लोगों को असुविधा हुई और यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने पहले ही दो दिनों के मौसम परिवर्तन का अलर्ट जारी किया था, जिसका प्रभाव अब जिले में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
हालांकि, इस बारिश से गन्ने के किसानों को काफी लाभ हुआ है। मितौली के कृषक राजेश कुमार ने बताया कि गन्ने की बुवाई के बाद फसल सिंचाई के लिए तैयार थी। इस बारिश से उनकी पहली सिंचाई हो गई, और जिन खेतों में पहले सिंचाई हो चुकी थी, उनके लिए भी यह बारिश लाभदायक साबित हुई। जिले के विभिन्न हिस्सों में मौसम का अलग-अलग प्रभाव देखा गया। गोला में तेज बारिश हुई, जबकि बेलरायां में आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई। मैलानी में सुबह से तेज हवाएं और बारिश हुई। निघासन और मितौली में भी तेज हवा के साथ बरसात का असर रहा। बेहजम में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे ठंडक महसूस की गई। खीरी क्षेत्र में तेज हवा और बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई।


