जौनपुर के सिद्दीकपुर स्थित उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में 11 साल बाद भी इनडोर पेशेंट विभाग (IPD) की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। निर्माण कार्य अधूरा होने और भवन के हैंडओवर में देरी के कारण मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। कॉलेज के पास डॉक्टरों की टीम, नर्सिंग स्टाफ और आवश्यक चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है। अस्पताल को प्रारंभिक रूप से केवल ओपीडी संचालन के लिए तैयार किया गया था। आइपीडी के लिए आवश्यक ग्राउंड फ्लोर सहित तीन मंजिला भवन अब तक पूरी तरह विकसित नहीं हो सका है, जिससे मरीजों को भर्ती करने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। उत्तर प्रदेश निर्माण निगम द्वारा निर्माण एजेंसी से भवन का अंतिम हैंडओवर न लेने के कारण पूरा ढांचा उपयोग के लिए अधिकृत नहीं हो पा रहा है। हालांकि, वर्तमान में ओपीडी सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं और बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। भवन से जुड़ी कई बुनियादी कमियां अब भी दूर नहीं हो सकी हैं। अस्पताल परिसर में लिफ्ट की समुचित व्यवस्था नहीं है और फायर फाइटिंग सिस्टम भी अधूरा पड़ा है। इसके अलावा, जो आधुनिक उपकरण खरीदे जा चुके हैं, वे भवन तैयार न होने के कारण स्थापित नहीं हो पा रहे हैं। मौजूदा स्थिति में गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे उन्हें समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर (सिविल) एस.के. यादव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज भवन का सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में केवल कुछ विद्युत संबंधी कार्य शेष हैं, जिनके लिए आवश्यक धनराशि की मांग की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी तीन से चार माह के भीतर समस्त कार्य पूर्ण कर भवन का हैंडओवर कर दिया जाएगा।


