चलती ट्रेन में खौफ का खेल खत्म: रामपुर में चार बदमाश गिरफ्तार, मुठभेड़ में एक घायल, नकदी बरामद

चलती ट्रेन में खौफ का खेल खत्म: रामपुर में चार बदमाश गिरफ्तार, मुठभेड़ में एक घायल, नकदी बरामद

Train Robbery Arrest Rampur: रामपुर में चलती ट्रेन में हुई लूटपाट के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में यात्रियों को पुलिसकर्मी बनकर लूटने वाले चार बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई रविवार तड़के बिलासपुर-रुद्रपुर बॉर्डर इलाके में की गई।

चार दिन से चल रहा था सर्च ऑपरेशन

जीआरपी ने बताया कि इस संगठित गिरोह की तलाश में पिछले चार दिनों से लगातार चार टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही थीं। पुलिस को पहले से इन बदमाशों की गतिविधियों की जानकारी मिल चुकी थी, जिसके आधार पर घेराबंदी की गई।

मुठभेड़ में जवाबी कार्रवाई से गिरफ्तारी

जब पुलिस ने संदिग्धों को रोकने की कोशिश की, तो बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। इसके बाद चारों आरोपियों को मौके पर ही काबू कर लिया गया।

घायल बदमाश अस्पताल में भर्ती

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिश्रा सिंह, गौरव, भारत और डेविड के रूप में हुई है। मुठभेड़ में घायल मिश्रा सिंह को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने उसके पास से 315 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद किया है।

बदमाशों की पहचान और बरामदगी

पुलिस जांच में सामने आया है कि गौरव और मिश्रा सिंह रुद्रपुर के नानकमत्ता क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि भारत और डेविड रुद्रपुर के रमपुरा इलाके के रहने वाले हैं। आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम में से 1 लाख 38 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जो बड़ी सफलता मानी जा रही है।

पुलिस बनकर दिया वारदात को अंजाम

चार दिन पहले हुई इस वारदात में बदमाशों ने संपर्क क्रांति ट्रेन में खुद को पुलिसकर्मी बताकर यात्रियों को झांसे में लिया था। उन्होंने दो यात्रियों को गन प्वाइंट पर लेकर उनसे नकदी और सामान लूट लिया था। घटना के दौरान यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया था।

लूट की रकम को लेकर हुआ खुलासा

ट्रेन की रफ्तार धीमी होते ही बदमाश करीब ढाई लाख रुपये लूटकर फरार हो गए थे। शुरुआती रिपोर्ट में सात लाख रुपये की लूट की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वास्तविक लूट की रकम ढाई लाख रुपये थी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया।

गिरोह के नेटवर्क की तलाश जारी

फिलहाल तीन आरोपी जीआरपी थाने में हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में जुटी है और आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को आज शाम तक न्यायालय में पेश किया जा सकता है।

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