भागलपुर में पुलिस पर पथराव और धक्का मुक्की:आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची थी; परिवार का आरोप- जबरन दरवाजा खुलवाया, महिलाओं-बच्चों को मारा

भागलपुर में पुलिस पर पथराव और धक्का मुक्की:आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची थी; परिवार का आरोप- जबरन दरवाजा खुलवाया, महिलाओं-बच्चों को मारा

भागलपुर के भीमकित्ता गांव में शुक्रवार देर रात मारपीट मामले के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया। पुलिस का आरोप है कि छापेमारी के दौरान ग्रामीणों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए टीम पर पथराव किया। जिसमें 4 पुलिसकर्मी घायल हो हुए हैं। सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। जबकि आरोपी पक्ष ने पुलिस पर घर में घुसकर महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस और घरवालों के बीच धक्का-मुक्की होते दिख रहा है। घटना मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र की है। पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी जानकारी के अनुसार, टीम मारपीट के एक मामले में नामजद आरोपी विकास कुमार यादव की गिरफ्तारी के लिए उसके घर पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई। जिसके बाद मौके से विकास यादव और समीर यादव को गिरफ्तार कर लिया। महिला और बच्चों से भी मारपीट का आरोप विकास की पत्नी प्रीति कुमारी ने आरोप लगाया कि देर रात पुलिस उनके घर पहुंची। दरवाजा खोलने के लिए दबाव बनाने लगी। जब परिवार के लोगों ने कारण पूछा तो उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने जबरन दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की। घटना में आशा भारती, बबिता कुमारी और सात वर्षीय बच्ची परी कुमारी घायल हो गईं। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर तोड़ दिया और उसे अपने साथ ले गई। लोगों ने पुलिस पर पथराव किया वहीं, इस मामले पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) राकेश कुमार ने बताया कि मधुसूदनपुर थाना कांड संख्या 121/25 में विकास कुमार यादव प्राथमिक अभियुक्त है। गुप्त सूचना के आधार पर बीती रात उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम उसके घर पहुंची थी। इस दौरान परिजनों और समर्थकों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। धक्का-मुक्की और पथराव किया। उपद्रवियों ने किया टीम पर हमला भीड़ ने विकास यादव को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाकर फरार करा दिया। संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। 22 मई की रात फिर से पुलिस बल के साथ छापेमारी की गई, जहां उपद्रवी तत्वों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। सरकारी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। दो पदाधिकारी और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी डीएसपी ने आगे बताया कि विकास के पड़ोसी ने पूर्व में कांड संख्या 57/26 दर्ज कराया गया था। सीसीटीवी तोड़ने और परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप पूरी तरह से निराधार और भ्रामक हैं। पुलिस पर पथराव, सरकारी कार्य में बाधा और कानून-व्यवस्था भंग करने के मामले में अब तक चार प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जानिए गिरफ्तारी के क्या नियम है कानून के अनुसार पुलिस को गिरफ्तारी के समय आरोपी को कारण बताना आवश्यक है। गिरफ्तारी मेमो तैयार किया जाता है। आरोपी के परिजन या परिचित को इसकी सूचना दी जाती है। महिला की गिरफ्तारी से संबंधित विशेष प्रावधान है। सामान्य परिस्थितियों में सूर्यास्त के बाद महिलाओं की गिरफ्तारी से बचा जाता है। आरोपी को 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना अनिवार्य है। भागलपुर के भीमकित्ता गांव में शुक्रवार देर रात मारपीट मामले के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया। पुलिस का आरोप है कि छापेमारी के दौरान ग्रामीणों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए टीम पर पथराव किया। जिसमें 4 पुलिसकर्मी घायल हो हुए हैं। सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। जबकि आरोपी पक्ष ने पुलिस पर घर में घुसकर महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस और घरवालों के बीच धक्का-मुक्की होते दिख रहा है। घटना मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र की है। पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी जानकारी के अनुसार, टीम मारपीट के एक मामले में नामजद आरोपी विकास कुमार यादव की गिरफ्तारी के लिए उसके घर पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई। जिसके बाद मौके से विकास यादव और समीर यादव को गिरफ्तार कर लिया। महिला और बच्चों से भी मारपीट का आरोप विकास की पत्नी प्रीति कुमारी ने आरोप लगाया कि देर रात पुलिस उनके घर पहुंची। दरवाजा खोलने के लिए दबाव बनाने लगी। जब परिवार के लोगों ने कारण पूछा तो उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने जबरन दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की। घटना में आशा भारती, बबिता कुमारी और सात वर्षीय बच्ची परी कुमारी घायल हो गईं। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर तोड़ दिया और उसे अपने साथ ले गई। लोगों ने पुलिस पर पथराव किया वहीं, इस मामले पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) राकेश कुमार ने बताया कि मधुसूदनपुर थाना कांड संख्या 121/25 में विकास कुमार यादव प्राथमिक अभियुक्त है। गुप्त सूचना के आधार पर बीती रात उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम उसके घर पहुंची थी। इस दौरान परिजनों और समर्थकों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। धक्का-मुक्की और पथराव किया। उपद्रवियों ने किया टीम पर हमला भीड़ ने विकास यादव को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाकर फरार करा दिया। संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। 22 मई की रात फिर से पुलिस बल के साथ छापेमारी की गई, जहां उपद्रवी तत्वों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। सरकारी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। दो पदाधिकारी और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी डीएसपी ने आगे बताया कि विकास के पड़ोसी ने पूर्व में कांड संख्या 57/26 दर्ज कराया गया था। सीसीटीवी तोड़ने और परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप पूरी तरह से निराधार और भ्रामक हैं। पुलिस पर पथराव, सरकारी कार्य में बाधा और कानून-व्यवस्था भंग करने के मामले में अब तक चार प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जानिए गिरफ्तारी के क्या नियम है कानून के अनुसार पुलिस को गिरफ्तारी के समय आरोपी को कारण बताना आवश्यक है। गिरफ्तारी मेमो तैयार किया जाता है। आरोपी के परिजन या परिचित को इसकी सूचना दी जाती है। महिला की गिरफ्तारी से संबंधित विशेष प्रावधान है। सामान्य परिस्थितियों में सूर्यास्त के बाद महिलाओं की गिरफ्तारी से बचा जाता है। आरोपी को 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना अनिवार्य है।  

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