ICC New Rules 2026: क्रिकेट के मैदान पर अब वो सब कुछ बदलने वाला है, जिसकी आदत हम फैंस को सालों से रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) खेल को और ज्यादा रोमांचक और समय के अनुकूल बनाने के लिए कुछ बहुत बड़े और चौंकाने वाले बदलाव करने की तैयारी में है। ये नए नियम आगामी 1 अक्टूबर से लागू हो सकते हैं, बशर्ते 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली आईसीसी बोर्ड की बैठक में इन्हें हरी झंडी मिल जाए।
इन नियमों में बड़े बदलाव
इस बार जो प्रस्ताव सामने आए हैं, उनमें सबसे हैरान करने वाला फैसला टेस्ट क्रिकेट को लेकर है। अब अगर किसी पारंपरिक टेस्ट मैच के दौरान खराब मौसम या कम रोशनी के कारण खेल रुकता है, तो दोनों कप्तानों की आपसी सहमति से मैच के बीच में ही लाल गेंद (Red Ball) को हटाकर पिंक बॉल (Pink Ball) का इस्तेमाल किया जा सकेगा, ताकि मैच फ्लडलाइट्स में जारी रह सके।
टीमों के हेड कोच के लिए खुशखबरी
इसके अलावा टी20 क्रिकेट को और रफ्तार देने के लिए अब दोनों इनिंग्स के बीच मिलने वाले 20 मिनट के ब्रेक को घटाकर सिर्फ 15 मिनट करने का प्रस्ताव है। यानी अब टीमों को रणनीति बनाने के लिए 5 मिनट कम मिलेंगे। वनडे क्रिकेट में भी अब ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान सिर्फ सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि टीम के हेड कोच भी मैदान के अंदर जाकर खिलाड़ियों को सीधे रणनीति समझा सकेंगे।
गेंदबाजों पर पैनी नजर
गेंदबाजों पर नकेल कसने के लिए आईसीसी अब ऑन-फील्ड अंपायरों को मैच के दौरान ही हॉक-आई (HawkEye) डेटा का एक्सेस देने जा रही है, जिससे संदिग्ध बॉलिंग एक्शन वाले गेंदबाजों को तुरंत पकड़ा जा सके। सौरव गांगुली की अगुवाई वाली आईसीसी क्रिकेट कमेटी की बैठक में इन सभी बदलावों पर चर्चा हो चुकी है और अब बस फाइनल मुहर लगना बाकी है।
क्या होता है हॉक-आई (Hawk-Eye)?
बता दें कि हॉक-आई क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाला एक एडवांस्ड बॉल-ट्रैकिंग कंप्यूटर विजन सिस्टम है। यह खास कैमरे और तकनीक की मदद से गेंद की रफ्तार और उसकी दिशा (ट्रेजेक्ट्री) को ट्रैक करता है और उसके पूरे रास्ते का एक सटीक 3D प्रोफाइल दिखाता है। इसका मुख्य इस्तेमाल डीआरएस (DRS) के दौरान मुख्य रूप से एलबीडब्ल्यू (LBW) के फैसलों की भविष्यवाणी करने और टीवी ब्रॉडकास्ट के लिए आंकड़े जुटाने में किया जाता है। अब इसी तकनीक से अंपायर अवैध बॉलिंग एक्शन पर भी नज़र रखेंगे।





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