डीएम बोले- ईंट-भट्टों पर चलेगा तलाशी अभियान:शेखपुरा में बाल मजदूरों का पुनर्वास, DRCC में सुधार पर जोर

डीएम बोले- ईंट-भट्टों पर चलेगा तलाशी अभियान:शेखपुरा में बाल मजदूरों का पुनर्वास, DRCC में सुधार पर जोर

शेखपुरा में जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में श्रम विभाग, जिला नियोजनालय और जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) की समीक्षा बैठक हुई। समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में हुई इस बैठक में तीनों विभागों के कामकाज की बिंदुवार समीक्षा की गई। मजदूरों की स्थिति का जायजा लिया जिलाधिकारी ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और बाल श्रमिकों के कल्याण के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी ईंट-भट्टों पर सघन तलाशी अभियान चलाने का आदेश दिया, ताकि वहां काम कर रहे मजदूरों की स्थिति का जायजा लिया जा सके। डीएम ने योग्य और वास्तविक लाभार्थियों की सही जांच कर उनके लेबर कार्ड (श्रम कार्ड) बनाने पर जोर दिया। इसके लिए विशेष ‘सहयोग शिविर’ आयोजित करने और सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सरकार की पुनर्वास व अन्य कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया। विभाग में लंबित सभी आवेदनों का यथाशीघ्र निष्पादन करने को भी कहा गया। जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) की समीक्षा के दौरान, छात्रों से जुड़ी योजनाओं की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला निबंधन पदाधिकारी को जिले की रैंकिंग में सुधार लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कोई भी योग्य छात्र ऋण से वंचित नहीं रहना चाहिए। अस्वीकृत आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई कर कमियों को दूर किया जाए। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। जिले के युवाओं के कौशल विकास के लिए चल रहे कुशल युवा कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देने और केंद्रों की मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को लेकर जिला नियोजनालय पदाधिकारी को निर्देशित किया।ताकि वे जिले में अधिक से अधिक नियोजन कैंप का आयोजन करें। इसके साथ ही, तकनीकी रूप से कुशल युवाओं को टूल-किट उपलब्ध कराने और योग्य छात्र-छात्राओं को सरकार की रोजगारपरक योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करने की बात कही गई। इस बैठक में मुख्य रूप से जिला नियोजन पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, जिला निबंधन एवं परामर्श पदाधिकारी डीआरसीसी मैनजर के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों चेतावनी देते हुए कहा कि सभी अधिकारी तय समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करें, कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शेखपुरा में जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में श्रम विभाग, जिला नियोजनालय और जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) की समीक्षा बैठक हुई। समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में हुई इस बैठक में तीनों विभागों के कामकाज की बिंदुवार समीक्षा की गई। मजदूरों की स्थिति का जायजा लिया जिलाधिकारी ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और बाल श्रमिकों के कल्याण के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी ईंट-भट्टों पर सघन तलाशी अभियान चलाने का आदेश दिया, ताकि वहां काम कर रहे मजदूरों की स्थिति का जायजा लिया जा सके। डीएम ने योग्य और वास्तविक लाभार्थियों की सही जांच कर उनके लेबर कार्ड (श्रम कार्ड) बनाने पर जोर दिया। इसके लिए विशेष ‘सहयोग शिविर’ आयोजित करने और सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सरकार की पुनर्वास व अन्य कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया। विभाग में लंबित सभी आवेदनों का यथाशीघ्र निष्पादन करने को भी कहा गया। जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) की समीक्षा के दौरान, छात्रों से जुड़ी योजनाओं की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला निबंधन पदाधिकारी को जिले की रैंकिंग में सुधार लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कोई भी योग्य छात्र ऋण से वंचित नहीं रहना चाहिए। अस्वीकृत आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई कर कमियों को दूर किया जाए। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। जिले के युवाओं के कौशल विकास के लिए चल रहे कुशल युवा कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देने और केंद्रों की मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को लेकर जिला नियोजनालय पदाधिकारी को निर्देशित किया।ताकि वे जिले में अधिक से अधिक नियोजन कैंप का आयोजन करें। इसके साथ ही, तकनीकी रूप से कुशल युवाओं को टूल-किट उपलब्ध कराने और योग्य छात्र-छात्राओं को सरकार की रोजगारपरक योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करने की बात कही गई। इस बैठक में मुख्य रूप से जिला नियोजन पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, जिला निबंधन एवं परामर्श पदाधिकारी डीआरसीसी मैनजर के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों चेतावनी देते हुए कहा कि सभी अधिकारी तय समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करें, कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

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