बक्सर जिले में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के मद्देनजर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य पर लू और तेज धूप के प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जिला पदाधिकारी साहिला के निर्देश पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया गया है। इसके तहत बक्सर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, प्री-स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों में कक्षा 8वीं तक की शैक्षणिक गतिविधियां दोपहर 12 बजे के बाद पूरी तरह बंद रहेंगी। बच्चों को अत्यधिक गर्मी से बचाना उद्देश्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश बच्चों को लू और अत्यधिक गर्मी से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। दोपहर में तापमान में वृद्धि के कारण छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए यह फैसला आवश्यक माना गया। विद्यालय प्रबंधन को इस आदेश का सख्ती से पालन करने और अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के समय को पुनर्निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। अब स्कूलों को अपनी कक्षाएं सुबह के समय ही संचालित करनी होंगी, ताकि बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी से बचाया जा सके। 30 अप्रैल तक आदेश रहेगा प्रभावी यह आदेश 21 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है और 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। यदि इस अवधि में तापमान में और वृद्धि होती है या स्थिति गंभीर बनी रहती है, तो प्रशासन द्वारा आगे भी आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से दोपहर के समय बाहर न भेजें। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्का भोजन लेने और ठंडी जगह पर रहने की सलाह दी गई है। इस निर्णय से जिले के हजारों विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अभिभावकों ने भी प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। बक्सर जिले में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के मद्देनजर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य पर लू और तेज धूप के प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जिला पदाधिकारी साहिला के निर्देश पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया गया है। इसके तहत बक्सर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, प्री-स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों में कक्षा 8वीं तक की शैक्षणिक गतिविधियां दोपहर 12 बजे के बाद पूरी तरह बंद रहेंगी। बच्चों को अत्यधिक गर्मी से बचाना उद्देश्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश बच्चों को लू और अत्यधिक गर्मी से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। दोपहर में तापमान में वृद्धि के कारण छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए यह फैसला आवश्यक माना गया। विद्यालय प्रबंधन को इस आदेश का सख्ती से पालन करने और अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के समय को पुनर्निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। अब स्कूलों को अपनी कक्षाएं सुबह के समय ही संचालित करनी होंगी, ताकि बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी से बचाया जा सके। 30 अप्रैल तक आदेश रहेगा प्रभावी यह आदेश 21 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है और 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। यदि इस अवधि में तापमान में और वृद्धि होती है या स्थिति गंभीर बनी रहती है, तो प्रशासन द्वारा आगे भी आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से दोपहर के समय बाहर न भेजें। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्का भोजन लेने और ठंडी जगह पर रहने की सलाह दी गई है। इस निर्णय से जिले के हजारों विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अभिभावकों ने भी प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है।


