उद्योग मंत्री तापस रॉय बोले, राज्य को करेंगे औद्योगिक विकास के केंद्र के रूप में पुनः स्थापित

मंत्री ने कहा कि मेरी प्राथमिकता टाटा समूह को बड़े स्तर पर राज्य में वापस लाना है। पिछली सरकार के दौरान जो परिस्थितियां बनीं, वे बेहद निराशाजनक थीं। हम यह मजबूत संदेश देना चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल एक बार फिर उद्योगों के लिए तैयार है। 

राज्य के नवनियुक्त उद्योग मंत्री तापस रॉय ने बुधवार को कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता टाटा समूह को राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश के लिए वापस लाना होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देश-दुनिया के उद्योगपतियों से संवाद स्थापित कर पश्चिम बंगाल को औद्योगिक विकास के केंद्र के रूप में पुन: स्थापित करने का प्रयास करेगी।

राज्य में टाटा की वापसी प्राथमिकता

मंत्रिमंडल विस्तार के 10 दिन बाद बुधवार को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया गया। उद्योग विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में रॉय ने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ था, जिसे अब बहाल करना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री ने कहा कि मेरी प्राथमिकता टाटा समूह को बड़े स्तर पर राज्य में वापस लाना है। पिछली सरकार के दौरान जो परिस्थितियां बनीं, वे बेहद निराशाजनक थीं। हम यह मजबूत संदेश देना चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल एक बार फिर उद्योगों के लिए तैयार है।

युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष फोकस

मंत्री रॉय ने बताया कि सरकार देश और विदेश के उद्योगपतियों तथा व्यापारिक संगठनों के साथ बातचीत कर निवेश आकर्षित करेगी। उनके अनुसार पश्चिम बंगाल में विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य से बाहर चले गए 6,500 से अधिक उद्यमों और उद्यमियों को भी वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए उद्योग-अनुकूल वातावरण, कारोबार में सुगमता और युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि टाटा समूह की राज्य में किसी बड़े निवेश के साथ वापसी होती है, तो यह पश्चिम बंगाल की औद्योगिक छवि को मजबूत करने और निवेशकों का विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

टीएमसी ने भाजपा के दावों को खारिज किया

हाल ही में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा था कि राज्य सरकार टाटा समूह की सिंगूर में वापसी चाहती है। उनके अनुसार यह केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि यह संदेश देने का भी माध्यम होगा कि पश्चिम बंगाल फिर से उद्योगों के लिए खुला और अनुकूल राज्य बन चुका है। हालांकि, टीएमसी ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पिछले 15 वर्ष में टाटा समूह की पश्चिम बंगाल में मौजूदगी और निवेश लगातार बढ़ा है। पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ ब्रायन और पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा ने राज्य के औद्योगिक प्रदर्शन का बचाव किया है। गौरतलब है कि वर्ष 2008 में सिंगूर में प्रस्तावित छोटी कार परियोजना को लेकर हुए आंदोलन के बाद टाटा मोटर्स ने अपना कारखाना स्थापित करने की योजना वापस ले ली थी। इस घटना ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव लाते हुए वाम मोर्चा सरकार के पतन और ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त किया था।

पश्चिम बंगाल के मंत्री और उनके विभाग

मंत्री का नाम विभाग
सुवेंदु अधिकारी (मुख्यमंत्री) गृह एवं पर्वतीय मामले, भूमि एवं भूमि सुधार, शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास, विद्युत, सूचना एवं संस्कृति, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार
निशीथ प्रमाणिक उत्तर बंगाल विकास, जल संसाधन जांच एवं विकास
अशोक कीर्तनिया खाद्य एवं आपूर्ति, सहकारिता
दिलीप घोष पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि विपणन
क्षुदीराम टुडू जनजातीय विकास, अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा
अग्निमित्रा पॉल शहरी विकास एवं नगर निकाय मामले
दीपक बर्मन स्कूल शिक्षा, आवास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और वस्त्र
तापस रॉय उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम, सार्वजनिक उपक्रम एवं औद्योगिक पुनर्निर्माण, गैर-पारंपरिक एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
डॉ. शंकर घोष संसदीय कार्य, पर्यटन
मनोज कुमार उरांव वन एवं पर्यावरण
अर्जुन सिंह श्रम, परिवहन
गौरी शंकर घोष पिछड़ा वर्ग कल्याण, जन शिक्षा विस्तार एवं पुस्तकालय सेवाएं
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास
स्वपन दासगुप्ता वित्त
डॉ. कल्याण चक्रवर्ती सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं बागवानी
डॉ. शरद्वत मुखर्जी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
अरूप कुमार दास सिंचाई एवं जलमार्ग
डॉ. अजय कुमार पोद्दार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण विभाग

दूध कुमार मंडल कृषि

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
मंत्री का नाम विभाग
मालती रावा रॉय महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण, स्वयं सहायता समूह एवं स्वरोजगार, कार्यक्रम निगरानी
राजेश महाता पशु संसाधन विकास, मत्स्य पालन

डॉ. इंद्रनील खान युवा सेवाएं एवं खेल, उपभोक्ता मामले

राज्यमंत्री
मंत्री का नाम विभाग
जोएल मुर्मु जनजातीय विकास, सिंचाई एवं जलमार्ग
डॉ. हरे कृष्ण बेरा उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास
आनंदमय बर्मन परिवहन, वित्त
अशोक डिंडा कृषि विपणन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और वस्त्र
नादियार चंद बाउरी लोक निर्माण, पिछड़ा वर्ग कल्याण
विशाल लामा गृह एवं पर्वतीय मामले, अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा
शांतनु प्रमाणिक खाद्य एवं आपूर्ति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास
मौमिता विश्वास मिश्रा उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी
उमेश राय संसदीय कार्य, शहरी विकास एवं नगर निकाय मामले
पूर्णिमा चक्रवर्ती सूचना एवं संस्कृति, पर्यटन
कौशिक चौधरी स्कूल शिक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं
भास्कर भट्टाचार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, श्रम
दिवाकर घरामी सहकारिता, वन एवं पर्यावरण
अमिया किस्कू खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं बागवानी, कृषि
कलिता माजी आवास
गार्गी दास घोष विद्युत, गैर-पारंपरिक एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
बिराज विश्वास विधि, न्यायिक, उत्तर बंगाल विकास
दीपांकर जाना भूमि एवं भूमि सुधार, शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास, सुंदरबन मामले
सुमना सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

  

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