संजू ने खुद मान लिया है कि टूर्नामेंट से ठीक पहले उम्मीदों का बोझ उन्हें पूरी तरह तोड़ चुका था। 2024 टी20 विश्व कप के बाद वे भारतीय टीम के पहले विकल्प ओपनर थे, लेकिन 2026 विश्व कप के करीब पहुंचते -पहुंचते पहले शुभमन गिल ने और फिर इशान किशन ने उनकी जगह छीन ली।
Sanju Samson, T20 World Cup 2026: टी-20 विश्व कप 2026 में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब जीतने वाले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन इस समय जबरदस्त फॉर्म में चल रहे हैं। टूर्नामेंट में तीन शतक से चूकने के बावजूद उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अब तक दो शतक जड़ दिए हैं और 450 से अधिक रन बना चुके हैं।
संजू न सिर्फ बल्लेबाजी के मामले में आग उगल रहे हैं, बल्कि उन्हें अगले टी20 कप्तान के रूप में भी देखा जा रहा है। लेकिन इसी विश्व कप से ठीक पहले एक ऐसा समय भी था, जब उनका करियर लगभग समाप्त हो चुका था। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज में संजू बुरी तरह फ्लॉप रहे, जिसके बाद उन्हें टी20 विश्व कप की प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया था।
अब संजू ने खुद मान लिया है कि टूर्नामेंट से ठीक पहले उम्मीदों का बोझ उन्हें पूरी तरह तोड़ चुका था। 2024 टी20 विश्व कप के बाद वे भारतीय टीम के पहले विकल्प ओपनर थे, लेकिन 2026 विश्व कप के करीब पहुंचते -पहुंचते पहले शुभमन गिल ने और फिर इशान किशन ने उनकी जगह छीन ली। अभिषेक शर्मा के चोटिल होने पर उन्हें सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला, उसके बाद फिर बाहर कर दिया गया। जब भारतीय टॉप ऑर्डर फ्लॉप चल रहा था और कप्तान सूर्यकुमार यादव से संजू को टीम में वापस लाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए उनका मजाक भी उड़ा दिया था।
फिर शुरू हुआ कमबैक
सुपर-8 स्टेज में जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू की वापसी हुई। उन्होंने मात्र 15 गेंदों पर 24 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वेस्ट इंडीज के खिलाफ नाबाद 97, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 42 गेंदों पर 89 और अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में एक और 89 रनों की शानदार पारी खेली। इन तीन पारियों ने भारत को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई।
संजू ने बताया असली वजह
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पॉडकास्ट में अभिनव मुकुंद से बात करते हुए संजू ने खुलकर बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज में उनके साथ असल में क्या हुआ था। संजू ने कहा, “आप एक लक्ष्य तय करते हो, एक स्टैंडर्ड सेट करते हो। जब वो सपना बहुत करीब आ जाता है, तो आप थोड़ा एक्साइटेड हो जाते हो और अपनी नॉर्मल स्किन से बाहर निकल जाते हो। न्यूजीलैंड सीरीज में मेरे साथ यही हुआ।”
उन्होंने आगे बताया, “दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैंने एक मैच खेला, रन बनाए और जानता था कि मुझे क्या करना है। मैं ये सालों से कर रहा हूँ। लेकिन अंदर से एक आवाज कह रही थी — सपना बहुत करीब है, अब जोर लगाओ, कुछ खास करना है। ये वो मौका है जिसका तुम सालों से इंतजार कर रहे हो। तो मैं कुछ खास करने की कोशिश में अपनी नॉर्मल संजू सैमसन से बाहर निकल गया।”
संजू ने स्वीकार किया कि खुद पर लगने वाला दबाव उन्हें बुरी तरह जकड़ चुका था। उन्होंने कहा, “मैं सोचने लगा कि न्यूजीलैंड सीरीज में एक्स्ट्रा मेहनत करनी होगी, ताकि विश्व कप टीम में अपनी जगह पक्की कर लूँ। ये सोच मुझे थोड़ा डेस्परेट बना गई। दिन में 2-3 घंटे बैटिंग, सुबह-शाम सेशन्स… बहुत मेहनत कर रहा था, लेकिन उम्मीदें भी बहुत ऊँची हो गई थीं।” संजू ने कहा, “पहले दो मैचों में आउट होने के बाद ऐसा प्रेशर महसूस हुआ, जो मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं महसूस किया। मैं उस प्रेशर से बाहर नहीं निकल पा रहा था।”
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