साहिबगंज-जमालपुर पैसेंजर ट्रेन से मिली नवजात:जन्म के बाद छोड़ गई मां, आरपीएफ ने किया रेस्कयू; देखभाल के लिए चाइल्डलाइन सौंपा

साहिबगंज-जमालपुर पैसेंजर ट्रेन से मिली नवजात:जन्म के बाद छोड़ गई मां, आरपीएफ ने किया रेस्कयू; देखभाल के लिए चाइल्डलाइन सौंपा

भागलपुर के नाथनगर रेलवे स्टेशन पर साहिबगंज-जमालपुर पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी संख्या 63431) के एक कोच में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। जहां वो पड़ी थी, वहां आसपास कोई भी मौजूद नहीं था। बच्ची कपड़े में लिपटी हुई वॉशरूम के पास पड़ी थी। उसे देखने से ऐसा लग रहा था कि जन्म के कुछ ही घंटों के बाद उसे छोड़ दिया गया है। घटना की सूचना तत्काल चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन को दी गई। बच्ची को संरक्षण और आगे की देखरेख के लिए चाइल्डलाइन को सौंपा गया है। चिकित्सकीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। बच्ची को लावारिस छोड़ने वाले व्यक्ति का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हेड कांस्टेबल ने बच्ची को उठाया जहां बच्ची पड़ी थी वहां आसपास काफी गंदगी थी, मधुमक्खियां भी लग रही थी, पर कोई उसे उठा नहीं रहा था। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हेड कांस्टेबल राजेश कुमार और कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार की नजर बच्ची पर पड़ी। उन्होंने तुरंत बच्ची को अपनी गोद में उठाया और सुरक्षित स्थान पर ले जाकर देखभाल दी। भागलपुर के नाथनगर रेलवे स्टेशन पर साहिबगंज-जमालपुर पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी संख्या 63431) के एक कोच में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। जहां वो पड़ी थी, वहां आसपास कोई भी मौजूद नहीं था। बच्ची कपड़े में लिपटी हुई वॉशरूम के पास पड़ी थी। उसे देखने से ऐसा लग रहा था कि जन्म के कुछ ही घंटों के बाद उसे छोड़ दिया गया है। घटना की सूचना तत्काल चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन को दी गई। बच्ची को संरक्षण और आगे की देखरेख के लिए चाइल्डलाइन को सौंपा गया है। चिकित्सकीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। बच्ची को लावारिस छोड़ने वाले व्यक्ति का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हेड कांस्टेबल ने बच्ची को उठाया जहां बच्ची पड़ी थी वहां आसपास काफी गंदगी थी, मधुमक्खियां भी लग रही थी, पर कोई उसे उठा नहीं रहा था। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हेड कांस्टेबल राजेश कुमार और कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार की नजर बच्ची पर पड़ी। उन्होंने तुरंत बच्ची को अपनी गोद में उठाया और सुरक्षित स्थान पर ले जाकर देखभाल दी।  

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