ग्वालियर के जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं चरम पर हैं। एक तरफ अस्पताल में पाइप फटने से ओपीडी और रजिस्ट्रेशन काउंटर तक पानी भर गया। दूसरी ओर अमरनाथ यात्रा के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट तक की नौबत आ गई। अमरनाथ यात्रा के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन मेडिसिन विशेषज्ञ के अवकाश पर होने से सिर्फ एक डॉक्टर ही सर्टिफिकेट बना रहा था। लंबी कतार और देरी से नाराज लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते लात-घूंसे तक पहुंच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली। पाइप फटा, ओपीडी में भर गया पानी इसी दौरान अस्पताल की दूसरी मंजिल पर फायर फाइटिंग सिस्टम का पाइप फट गया। तेज बहाव के साथ पानी ओपीडी और पैथोलॉजी के रजिस्ट्रेशन काउंटर तक पहुंच गया। फर्श पर पानी भरने से फिसलन बढ़ गई और कुछ मरीज गिर भी पड़े। करंट फैलने के खतरे के चलते रजिस्ट्रेशन और सैंपलिंग का काम दोपहर करीब डेढ़ बजे तक पूरी तरह बंद रहा। मरीज भटके, जांच तक नहीं हो पाई अव्यवस्था का सबसे ज्यादा खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। किला गेट निवासी कैंसर मरीज संतोष श्रीवास सुबह से ब्लड सैंपल के लिए भटकते रहे, लेकिन पानी और करंट के खतरे के कारण उन्हें बिना जांच लौटना पड़ा। रानीपुरा निवासी जितेंद्र, लेहिया बाजार निवासी युग कुशवाह और संस्कार कुशवाह ने बताया कि ईसीजी जांच करने से मना कर दिया गया। भरत गुर्जर का कहना है कि वे सुबह 10 बजे से सैंपल देने के लिए लाइन में खड़े थे, लेकिन दोपहर तक उनका नंबर नहीं आया। लश्कर निवासी राजीव गर्ग अमरनाथ यात्रा का सर्टिफिकेट बनवाने सुबह 8:30 बजे पहुंचे थे, लेकिन उन्हें भी एक्स-रे और ईसीजी जांच नहीं मिल सकी। सिविल सर्जन को संभालना पड़ा मोर्चा स्थिति बिगड़ने पर सिविल सर्जन डॉ. आरके शर्मा को खुद मैदान में उतरना पड़ा। उन्होंने सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया संभाली और व्यवस्थाएं सुधारने की कोशिश की, लेकिन तब तक मरीजों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ चुकी थी। अब 3 जगह बनेंगे हेल्थ सर्टिफिकेट लगातार अव्यवस्थाओं के बाद अब प्रशासन ने राहत देते हुए अमरनाथ यात्रियों के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट बनाने के सेंटर बढ़ा दिए हैं। अब जिला अस्पताल के अलावा किला अस्पताल मुरार में दीपेश लखबनी, डॉ. मुकेश ह तोमर व साथ डॉ. श्रीमा जायसवाल की ड्यूटी भी इसमें लग गई है। सिविल अस्पताल हजीरा में डॉक्टर वीरपाल सिंह, अंधेडी अस्पताल में डॉक्टर पीएस बाथम और पीएचसी वीरपुर में डॉक्टर के.के गुप्ता सर्टिफिकेट बनाएंगे।


