अररिया में पंचायत भवन, सोलर लाइट की रिव्यु:DM ने निर्माण में तेजी लाने, नियमित जांच के दिए निर्देश

अररिया में पंचायत भवन, सोलर लाइट की रिव्यु:DM ने निर्माण में तेजी लाने, नियमित जांच के दिए निर्देश

अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जिले में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि अररिया जिले में कुल 94 पंचायत सरकार भवन निर्माणाधीन हैं। इनमें से 54 भवन पूरी तरह से क्रियाशील हो चुके हैं। हालांकि, शेष भवनों के निर्माण में कुछ चुनौतियाँ आ रही हैं। 9 पंचायतों में सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, जबकि 4 पंचायतों में भूमि विवाद के कारण कार्य लंबित है। लगभग 30,000 लाइटें पहले ही स्थापित की इन समस्याओं पर सख्त रुख अपनाते हुए, डीएम विनोद दूहन ने निर्देश दिया कि जहां सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां जनप्रतिनिधियों, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और दानदाताओं के समन्वय से भूमि दान के माध्यम से भूमि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सभी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों (BPRO) को इस दिशा में तत्काल कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया। बैठक में सोलर लाइट अधिष्ठापन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिले में 30,980 सोलर लाइटें लगाने का लक्ष्य था, जिनमें से लगभग 30,000 लाइटें पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं। जिलाधिकारी ने सभी BPROs को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से पंचायतों का दौरा करें, सोलर लाइटों की कार्यशीलता की जाँच करें और खराब पाए जाने पर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करें। पारदर्शिता और जन भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया डीएम दूहन ने ग्रामीण स्तर पर पारदर्शिता और जन भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में हर महीने कम से कम एक बार ग्राम सभा आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगले माह से BPRO की नियमित समीक्षा बैठकें होंगी, जहां पंचायतों के विभिन्न विकास सूचकांकों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जाएगी। अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी, संबंधित कार्यपालक अभियंता और सभी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक जिले में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाने और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की यह पहल सराहनीय है। अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जिले में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि अररिया जिले में कुल 94 पंचायत सरकार भवन निर्माणाधीन हैं। इनमें से 54 भवन पूरी तरह से क्रियाशील हो चुके हैं। हालांकि, शेष भवनों के निर्माण में कुछ चुनौतियाँ आ रही हैं। 9 पंचायतों में सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, जबकि 4 पंचायतों में भूमि विवाद के कारण कार्य लंबित है। लगभग 30,000 लाइटें पहले ही स्थापित की इन समस्याओं पर सख्त रुख अपनाते हुए, डीएम विनोद दूहन ने निर्देश दिया कि जहां सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां जनप्रतिनिधियों, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और दानदाताओं के समन्वय से भूमि दान के माध्यम से भूमि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सभी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों (BPRO) को इस दिशा में तत्काल कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया। बैठक में सोलर लाइट अधिष्ठापन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिले में 30,980 सोलर लाइटें लगाने का लक्ष्य था, जिनमें से लगभग 30,000 लाइटें पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं। जिलाधिकारी ने सभी BPROs को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से पंचायतों का दौरा करें, सोलर लाइटों की कार्यशीलता की जाँच करें और खराब पाए जाने पर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करें। पारदर्शिता और जन भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया डीएम दूहन ने ग्रामीण स्तर पर पारदर्शिता और जन भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में हर महीने कम से कम एक बार ग्राम सभा आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगले माह से BPRO की नियमित समीक्षा बैठकें होंगी, जहां पंचायतों के विभिन्न विकास सूचकांकों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जाएगी। अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी, संबंधित कार्यपालक अभियंता और सभी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक जिले में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाने और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की यह पहल सराहनीय है।  

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