बांसवाड़ा/आनंदपुरी। सल्लोपाट थाना क्षेत्र के रोहनवाड़ी मुख्य मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में भंडारा गांव निवासी दो सगे भाई नानू (35) पुत्र गेबा और लक्ष्मण (38) पुत्र गेबा और आमरिया पाड़ा (आनंदपुरी) निवासी रंगजी की मौत हो गई। वहीं दुर्घटना में बाइक सवार पिता और उसका तीन साल का बेटा भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर कर दिया गया।
सल्लोपाट थाने के एएसआई मगनलाल ने बताया कि भंडारा गांव निवासी नानू (35) पुत्र गेबा और उसका भाई लक्ष्मण (38) किसी रिश्तेदार के यहां आयोजित नोतरा में शामिल होने जा रहे थे। बाइक लक्ष्मण चला रहा था। दूसरी ओर से आमरिया पाड़ा निवासी रंगजी (30) अपने ससुराल खरसान में शादी समारोह में भाग लेने जा रहा था। उसके साथ बाइक पर खरसाणा निवासी उमेश (30) और तीन वर्षीय बेटा जयेश भी सवार थे। ये लोग रोहनबाड़ी की तरफ से आ रहे थे और बाइक को रंगजी चला रहा था।
टक्कर में बाइक के उड़े परखच्चे
दोनों बाइकें तेज रफ्तार में थीं। आमने‑सामने की टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन चकनाचूर हो गए और पांचों लोग सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़े। हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी। इस दौरान घायलों को तुरंत इलाज के लिए रवाना किया। लेकिन इनमें से नानू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि लक्ष्मण ने सल्लोपाट से दाहोद (गुजरात) रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में अंतिम सांस ली। वहीं आमरिया पाड़ा (आनंदपुरी) निवासी रंगजी (30) की भी जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर बांसवाड़ा की जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। वहीं खरसाणा निवासी उमेश (30) और उसका तीन साल का बेटा जयेश गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें देर रात करीब 12 बजे बांसवाड़ा के महात्मा गांधी सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवार पर टूटा दु:खों का पहाड़
ग्रामीणों ने बताया कि नानू और लक्ष्मण कुल पांच भाइयों में से मझले थे। दोनों ही मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते थे। दोनों के चार-चार छोटे बच्चे हैं। दोनों ही अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उनके निधन से परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। वहीं रंगजी के भी तीन बेटियां हैं और उसकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है। घटना से दोनों के गांव में भी शोक का माहौल है।


