नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की भाजपा की जीत में राजस्थान का अहम योगदान रहा है। प्रदेश के नेताओं के हाथ में जहां बंगाल की रणनीति रही वहीं राजस्थान से गए पार्टी पदाधिकारियों ने चुनाव में अहम भूमिका निभाई। सुनील बंसलः भारतीय जनता पार्टी के जीत के अहम रणनीतिकार पार्टी के महामंत्री सुनील बंसल रहे हैं। प्रदेश प्रभारी बंसल दुर्गापूजा के बाद से बंगाल में डेरा डाले रहे। बंसल इससे पहले उत्तर प्रदेश में पार्टी की जीत के सूत्रधार रहे। बंसल राजस्थान के कोटपूतली से ताल्लुक रखते हैं और एबीवीपी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने एक एक सीट पर प्रत्याशी चयन से लेकर बूथ पर बैठने वाले कार्यकर्ताओँ तक को चिन्हित किया।

भूपेन्द्र यादवः अलवर सांसद केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने चुनाव प्रभारी के रूप में पूरे प्रदेश में रणनीति पर नजर रखी। हर सीट तक गए। यादव इससे पहले बिहार, मध्यप्रदेश में प्रभारी के रूप में भूमिका निभा चुके हैं।

गजेंद्र सिंह शेखावतः जोधपुर सांसद व केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के पास पश्चिम बंगाल में कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग की 28 सीटों का प्रभार रहा।

कैलाश चौधरीः प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी कूच बिहार क्षेत्र के प्रभारी रहे। दुर्गापूजा के बाद से ही चौधरी कूचबिहार क्षेत्र में जुट गए थे।
राजेन्द्र राठौड़ः पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भबानीपुर का प्रभार। उनके साथ सुभाष मील, छगन सिंह राजपुरोहित,गुरवीर सिंह, राजेश बाबल, पुनीत छाबड़ा, सोमकांत , वेद प्रकाश पटेल व रवि नैयर थे।
जितेन्द्र गोठवालः आसनसोल जिले के प्रभारी
अतुल भंसाली : उत्तर कोलकाता जिला प्रभारी
विष्णु चेतानी : देश भर के प्रवासी कार्यकर्ताओं की देखरेख का जिम्मा
अरूण चतुर्वेदी : पीएम की सभाओं की जिम्मेदारी, उनके साथ अशोक परनामी, ओम भड़ाना और सीआर चौधरी रहे।
नीरज जैन- पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रमों का समन्वय।
सीपी जोशी: राष्ट्रीय पदाधिकारियों के दौरे के समन्वय की ज़िम्मेदारी उनके सुशील कटारा, राकेश पाठक रहे।
इसके अलावा मनोज राजोरिया, मोतीलाल मीणा, लादूलाल तेली, वासुदेव चावला, पवन दुग्गल, अशोक सैनी, कमलेश पुरोहित अभिनेष महर्षि, सुरेन्द्र पारीक, रामचरण बोहरा, राम लाल शर्मा, बिहारी लाल विश्नोई, गोवर्धन लाल वर्मा ने भी बंगाल में जिम्मेदारी निभाई।


