शाजापुर जिले की ग्राम पंचायत रिछोदा की पूर्व सरपंच बालकुंवर पति होकमसिंह ने वर्तमान सरपंच रामनाथसिंह और सचिव गोविन्दसिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके कार्यकाल के दौरान कराए गए निर्माण कार्य की बकाया राशि को वर्तमान पंचायत पदाधिकारियों ने बैंक खाते से निकालकर अपने पास रख लिया है और संबंधित वेंडरों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायत रिछोदा में ‘राज्य स्तर स्टाम्प शुल्क’ की राशि से पंचायत भवन की बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था। इस कार्य की कुल स्वीकृत राशि ₹14.99 लाख थी। पूर्व सरपंच के कार्यकाल में प्रथम किस्त के रूप में ₹7.50 लाख प्राप्त हुए थे, जिससे निर्माण कार्य पूरा कराया गया था। कार्य का मूल्यांकन भी पूर्व सरपंच के कार्यकाल में ही पूर्ण हो चुका था। शेष बकाया राशि ₹7,49,500 पूर्व सरपंच का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, दिनांक 10 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत के खाते में जमा हुई। शिकायतकर्ता बालकुंवर का आरोप है कि यह बकाया राशि उन व्यापारियों और सामग्री प्रदाताओं को दी जानी थी, जिनसे निर्माण के दौरान सामग्री ली गई थी। बालकुंवर ने आरोप लगाया है कि वर्तमान सरपंच रामनाथसिंह और सचिव गोविन्दसिंह ने मिलीभगत कर दिनांक 24 मार्च 2026 को उक्त राशि पंचायत के खाते से निकाल ली। हालांकि, इसे संबंधित वेंडरों को भुगतान करने के बजाय अपने पास रख लिया गया। पूर्व सरपंच ने बताया कि राशि का भुगतान न होने के कारण बाजार के व्यापारी उन पर लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहे हैं, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं। कई बार मौखिक रूप से मांग करने के बाद भी जब सरपंच-सचिव ने राशि नहीं लौटाई, तो उन्होंने प्रशासन की शरण ली। कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में पूर्व सरपंच ने मांग की है कि वर्तमान सरपंच और सचिव से बकाया ₹7,49,500 की राशि तत्काल दिलवाई जाए और शासकीय राशि का दुरुपयोग करने के मामले में दोनों के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही की जाए।


