सुल्तानपुर में बहुजन अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष एडवोकेट शैलेश गौतम ने मंगलवार को जिलाधिकारी (डीएम) को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कलेक्ट्रेट और तहसील परिसर में भ्रष्टाचार, भेदभाव और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ज्ञापन में कलेक्ट्रेट में तैनात नायब नाजिर अल्नेंद्र सिंह पर दशकों से पद का दुरुपयोग करने, स्थानांतरण प्रक्रिया को प्रभावित करने और अपना वर्चस्व बनाए रखने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, अयोध्या मंडल द्वारा नियुक्त विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) हरदेव सिंह, जो अनुसूचित जाति वर्ग से हैं, को उनके पद के अनुरूप कार्य न दिए जाने और उनके साथ जातिगत भेदभाव किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। बहुजन अधिकार सेना ने स्थानांतरण नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। शासन की नीति के अनुसार, किसी भी कर्मचारी को एक ही पटल पर 3 से 5 वर्ष से अधिक नहीं रहना चाहिए। हालांकि, ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ प्रभावशाली कर्मचारी केवल पटल बदलते हैं, लेकिन उनका नियंत्रण बना रहता है, जिससे रोटेशन नीति विफल हो रही है। होमगार्ड जवानों को सरकारी सुरक्षा के बजाय निजी कार्यों में लगाए जाने और संबंधित कर्मचारियों द्वारा अवैध संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप भी इस ज्ञापन में शामिल हैं। शैलेश गौतम ने डीएम से इन आरोपों पर ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में पूरे प्रकरण की विजिलेंस या एसआईटी जैसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराना शामिल है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों की चल-अचल संपत्ति, आय के स्रोत और कॉल डिटेल (सीडीआर) की विस्तृत वित्तीय और संपर्क जांच की भी मांग की है। बहुजन अधिकार सेना ने जातिगत पूर्वाग्रह और भेदभाव की मानसिकता रखने वाले दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की है। साथ ही, लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों का निष्पक्ष स्थानांतरण कर प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता बहाल करने की अपील की गई है।


