अंबिकापुर के दर्रीपारा में प्राइवेट संकल्प हॉस्पिटल के जनरेटर में डीजल भरने के दौरान महिला सुरक्षा गार्ड का दुपट्टा पंखे में फंसने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। सोमवार को इलाज के दौरान गार्ड की मौत हो गई। हॉस्पिटल द्वारा कोई मुआवजा या आर्थिक सहायता नहीं दिए जाने से भड़के परिजनों ने मंगलवार को सड़क पर शव रखकर करीब तीन घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन किया। परिजनों ने हॉस्पिटल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा 50 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग रखी। महिला कर्मचारी को असुरक्षित तरीके से जनरेटर में डीजल भरने के भेज दिया गया था। घंटों हंगामें के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। तीन घंटे बाद भी मामले में कोई निर्णय नहीं हो सका। जानकारी के मुताबिक, संकल्प हॉस्पिटल की महिला गार्ड अनिशा तिग्गा (27 वर्ष) का तीन दिनों पूर्व जनरेटर में डीजल भरने के दौरान दुपट्टा जनरेटर के पंखे में फंस गया था, जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसके सिर में गंभीर चोटें आई थी। हॉस्पिटल में तत्काल अनिशा तिग्गा को भर्ती किया गया। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। हॉस्पिटल के सामने घंटों प्रदर्शन
मृत महिला गार्ड अनिशा तिग्गा करीब दो वर्षों से हॉस्पिटल में बतौर गार्ड कार्यरत थी। घटना के बाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने मामले में संवेदनहीनता का रवैया अपनाया और कोई मुआवजा या आर्थिक सहायता देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। उन्होंने परिजनों से कहा कि वे महिला गार्ड के एक बच्चे की पढ़ाई का खर्च देंगे और भविष्य में योग्यता के अनुसार हॉस्पिटल में नौकरी। मंगलवार को महिला गार्ड का शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया तो परिजनों ने हॉस्पिटल के सामने मुख्य सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन कर दिया। परिजनों ने हॉस्पिटल प्रबंधन पर लापरवाही एवं गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगा 50 लाख रुपये मुआवजे और कार्रवाई की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित हुआ और आसपास के इलाके में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। मामले की सूचना मिलते ही मणिपुर थाना क्षेत्र की पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। मामले में तीन घंटे बाद भी विवाद की स्थिति बनी रही। परिजनों को उचित मुआजवा मिले-राकेश
कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता मौके पर पहुुंचे। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं अस्पताल प्रबंधन से परिजन नाराज हैं। दुखद दुर्घटना में महिला की मौत हो गई है। संवेदना के साथ मामले में हॉस्पिटल प्रबंधन को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। वहीं मामले में हॉस्पिटल प्रबंधन का दावा है कि उन्होंने हादसे के बाद महिला का इलाज कराया। हॉस्पिटल ने कुछ सहायता की पहल की है। इसे लेकर बाद में चर्चा करने कहा गया था, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं हैं।


