एटा के जलेसर स्थित नूंह खास गांव में स्मार्ट मीटर को लेकर किसानों में भारी नाराजगी है। भारतीय किसान यूनियन भानू के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल बंद करने की मांग की है। पंकज सिंह ने आरोप लगाया कि किसान और मजदूर वर्ग स्मार्ट मीटर की तकनीकी जटिलताओं को समझने में सक्षम नहीं हैं। इसके चलते उन्हें भारी-भरकम बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों के बिजली बिल हर महीने 4 से 5 हजार रुपए तक आ रहे हैं, जो उनकी आय के मुकाबले काफी अधिक हैं।
जलेसर क्षेत्र के नूहखेड़ा गांव, जिसकी आबादी लगभग 10 हजार है, में किसानों ने एक पंचायत आयोजित की। इस पंचायत में सभी किसानों ने एकजुट होकर स्मार्ट मीटर का विरोध करने का निर्णय लिया। किसान नेता पंकज सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो किसान उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि किसान स्मार्ट मीटर उखाड़कर बिजली घरों पर फेंक देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। पंकज सिंह ने किसानों की नाराजगी और आगामी रणनीति की जानकारी देते हुए एक वीडियो भी जारी किया है। इस विरोध प्रदर्शन में पुष्पेंद्र यादव, बिंदु ठाकुर, सत्तू, राधेश्याम, बाबूजी यादव, भीकम, पूरन, दिनेश, मुकेश अहेरिया, रवि मित्तल, रोहित कश्यप, भूरे बघेल, कुलदीप, पप्पू पंडित और सूर्यकांत पाराशर सहित कई अन्य किसान भी शामिल थे।


