प्रतापनगर थाना पुलिस ने बाइक चोरी करने एक ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने कानून से बचने के लिए नाबालिगों को हथियार बनाया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना रेबारियों का गुड़ा निवासी गौरव नाथ को गिरफ्तार किया है। उसके दो नाबालिग साथियों को डिटेन किया है। इनके कब्जे से चोरी की 7 स्प्लेंडर बाइकें बरामद की हैं। इनमें से 5 प्रतापनगर और 1 डबोक क्षेत्र से चुराई थी। एक अन्य के मालिक का पता लगाया जा रहा है। थानाधिकारी पूरण सिंह राजपुरोहित ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि गिरोह कम उम्र के लड़कों को साथ जोड़ रहा है। इसके पीछे सोच यह है कि नाबालिग होने से उन्हें सख्त सजा नहीं होगी और बाल सुधार गृह से जल्द बाहर आ जाएंगे। ये नाबालिग भीड़भाड़ वाले इलाकों में (मास्टर-की) नकली चाबी से बाइक लॉक तोड़ रफूचक्कर हो जाते थे। हाल ही में खेमपुरा निवासी भगवती लाल गमेती ने कोरोमंडल गोदाम के पास से बाइक चोरी होने का केस दर्ज कराया था। इसकी पड़ताल में पुलिस इस गिरोह तक पहुंची। लॉक तोड़ना आसान, इसलिए चोरों की पहली पसंद स्प्लेंडर बाइक शहर में होने वाली बाइक चोरियों के डेटा बताते हैं कि स्प्लेंडर बाइक चोरों की पहली पसंद बनी हुई है। इसके कारण भी हैं। पहला ये कि इस मॉडल के पुराने लॉक को मास्टर-की या झटके से तोड़ना दूसरी बाइकों की तुलना में आसान होता है। दूसरी वजह ये कि ग्रामीण इलाकों और खेती-बाड़ी के कामों में इस बाइक की मांग अधिक है। इसलिए चोर इसे महज 5 से 10 हजार में आसानी से बेच देते हैं। यही नहीं, कई बार चोर बाइक बेचने के बजाय उसके स्पेयर पार्ट्स अलग-अलग कर कबाड़ियों को बेच देते हैं। काम की बात- यह सब करें तो बचेंगे शिकार होने से हैंडल लॉक के भरोसे न रहें। हमेशा डिस्क लॉक या अच्छे क्वालिटी के स्टील चेन लॉक का उपयोग करें। अपनी महंगी या पसंदीदा बाइक में छोटा जीपीएस ट्रैकर लगवाएं ताकि चोरी होने पर लोकेशन मिल सके। कोशिश करें कि गाड़ी हमेशा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी वाले क्षेत्र या रोशनी वाली जगह पर ही पार्क करें।


