वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरीझंडी के बाद कबीरचौरा अस्पताल अब हाईटेक यानि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनेगा। 315.48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अस्पताल का रविवार को पूर्व मंत्री और विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने भूमिपूजन किया विधायक ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ 500 बेडेड हॉस्पिटल की नींव रखी। नम: पार्वती पतये हर हर महादेव का जयघोष के साथ विधायक ने फावड़ा चलाया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने अस्पताल का नया प्रोजेक्ट देखा। जिसमें आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। अस्पताल में एक छत के नीचे हार्टकैंसर और न्यूरो मरीजों को एम्स जैसी सुविधाएं सुविधा मिलेगी। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 50 से अधिक ICU बेड और 100 से ज्यादा HDU बेड होंगे। किडनी रोगियों के लिए 20 बेड का आधुनिक डायलिसिस सेंटर भी विकसित किया जाएगा। रविवार को एसएसपीजी मंडलीय अस्पताल में विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने बताया कि यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाली पहल है। 150 साल पुराने अस्पताल का पुनर्निर्माण में पुराने ढांचे को हटाकर यहां 315.48 करोड़ रुपये की लागत से नया आठ मंजिला सुपर स्पेशलिटी भवन तैयार किया जाएगा। दो टावरों वाले इस विशाल परिसर में आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अत्याधुनिक मशीनें और हाईटेक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आईसीयू, कैंसर, न्यूरो और हार्ट यूनिट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस यह अस्पताल पूर्वांचल के लाखों मरीजों के लिए बड़ा स्वास्थ्य केंद्र बनेगा। यहां दिल, दिमाग और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज मात्र 1 रुपये में होगा। 8 मंजिला इस हाईटेक अस्पताल में आईसीयू बेड और आधुनिक लैब होंगी, जिससे बीएचयू पर मरीजों का बोझ कम होगा और पूर्वांचल को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। 50 आईसीयू बेड और 100 से एचडीयू बेड की व्यवस्था 300 बेड वाले इस अस्पताल को विस्तार देकर 500 बेड क्षमता का बनाया जाएगा। अस्पताल में मरीजों के लिए बेहतर वार्ड, इमरजेंसी यूनिट और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 50 से अधिक आईसीयू बेड और 100 से ज्यादा एचडीयू बेड की व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल में हृदय रोग, कैंसर और न्यूरो से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए विशेष यूनिट बनाई जाएंगी। इसके अलावा किडनी रोगियों के लिए 20 बेड का आधुनिक डायलिसिस सेंटर भी विकसित किया जाएगा। बच्चों के इलाज को ध्यान में रखते हुए समर्पित चाइल्ड यूनिट तैयार होगी। वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए वरदान साबित होगा। अक्सर गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बीएचयू के चक्कर काटने पड़ते थे, जहां मरीजों का दबाव कम होगा। जांच और इलाज के लिए कई विभाग नए सेंटर के आने से स्वास्थ्य सुविधाओं का भार बंट जाएगा और लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा। सेंट्रल स्टरलाइज्ड सप्लाई डिपार्टमेंट केंद्रीय रोगाणुहीन सेवा विभाग के द्वारा चिकित्सालय सामान को रोगाणुहीन करते हुएं वितरित किया जाएगा। ओपीडी, आईपीडी, प्राइवेट वार्ड, प्रिजनर वार्ड, मोर्चरी, आइसोलेशन वार्ड, पैलेटिव केयर वार्ड, लॉन्ड्री, किचन, केफेटेरिया, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, ब्लड बैंक, स्किल्ड लैब, बर्न वार्ड 14 बेड, डे केयर 15 बेड, डायलिसिस 20 बेड, एनआरसी पोषण पुनर्वास केंद्र 30 बेड, आपरेशन थियेटर 4 एवं एक इमेरजैंसी ओटी होगा। सर्जरी, मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, आर्थो का ओपीडी/वार्ड रहेगा। बताया कि इस चिकित्सालय में फिजियोथेरेपी, फैमिली मेडिसिन, पीएसी, डेंटल, आयुष, जिरियाट्रिक मेडिसिन, न्यूट्रीशन, एनसीडी क्लिनिक, मानसिक रोग, डरमोटोलाजसिस्ट ओपीडी रहेगी। बताया कि इस सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय में कार्डियोलॉजी, एंजियोप्लास्टी, गेस्ट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, आर्थोलॉजी आदि की सुविधाए उपलब्ध रहेंगी। इस दौरान सीएमओ, सी.एम.एस, जगदीश त्रिपाठी, आत्मा विश्वेश्वर, डॉ रचना अग्रवाल, साधना वेदांती, आलोक श्रीवास्तव, बबलू सेठ, राजीव सिंह डब्बू, तारकेश्वर गुप्ता बंटी, संदीप चतुर्वेदी, पार्षद गण संजय केशरी, संतोष सोलापुरकर, श्रवण गुप्ता, अभिजीत भारद्वाज, इंद्रेश सिंह, अक्षयबर सिंह, नलिन नयन मिश्र, कनकलता मिश्र, गोपाल जी गुप्ता सहित मंडलीय चिकित्सालय के डाक्टर व स्टाफ व भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।


