पंजाब में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित डॉक्यूसीरीज को लेकर सियासी बवाल शुरू हो गया है। इसको लेकर कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वरिंग ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की सामग्री राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाती है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
गैंगस्टर नहीं, शहीद और किसान हैं पंजाब की पहचान
राजा वारिंग ने एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पंजाब को एक अपराधी के नाम से जोड़ना बेहद दुखद है। उन्होंने लिखा कि भगत सिंह, सैनिक और किसान ही पंजाब की असली पहचान हैं, न कि कोई गैंगस्टर। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मामले में पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (पीआईएल) दायर करेंगे ताकि इस सीरीज पर रोक लगाई जा सके।
सिद्धू मूसेवाला की हत्या का जिक्र
वारिंग ने अपने बयान में दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को याद किया। उन्होंने कहा कि मूसेवाला की हत्या सिर्फ एक कलाकार की नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की क्षति थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉरेंस गैंग की वजह से कई परिवार आज भी दर्द झेल रहे हैं और ऐसे में इस तरह की सीरीज बनाना संवेदनहीनता को दर्शाता है।
कब रिलीज होगी ‘Lawrence of Punjab’?
ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 ने हाल ही में ‘Lawrence of Punjab’ नाम की डॉक्यूसीरीज की घोषणा की है। यह सीरीज 27 अप्रैल को रिलीज होने वाली है। इसे Riverland Entertainment ने प्रोड्यूस किया है और इसका निर्देशन राघव डार ने किया है।
मेकर्स के अनुसार, यह सीरीज केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है बल्कि यह दिखाती है कि कैसे समाज, राजनीति और मीडिया मिलकर अपराध की छवि को आकार देते हैं। इसमें छात्र राजनीति, संगीत इंडस्ट्री और सोशल मीडिया के प्रभाव को भी शामिल किया गया है।
गैंगस्टर की छवि पर उठे सवाल
इस सीरीज के ट्रेलर के सामने आने के बाद यह बहस तेज हो गई है कि क्या अपराधियों पर आधारित कंटेंट समाज में गलत संदेश देता है। कई लोगों का मानना है कि इससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो सकती है और अपराध को ग्लैमराइज किया जा सकता है।
मूसेवाला हत्याकांड और गैंग कनेक्शन
गौरतलब है कि 29 मई 2022 को सिद्धू मूसेवाला की पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बरार ने ली थी, जो लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी माना जाता है।
अब अदालत पर टिकी सबकी नजर
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या अदालत इस मामले में हस्तक्षेप करेगी या फिर यह सीरीज़ तय समय पर रिलीज होगी। लेकिन इतना साफ है कि यह मुद्दा केवल एक शो का नहीं, बल्कि पंजाब की छवि और समाज के मूल्यों से जुड़ा हुआ है।


