आर्मी ब्रिगेडियर को बीच सड़क बंगाल में पुलिस ने रोका, फिर जो हुआ..

आर्मी ब्रिगेडियर को बीच सड़क बंगाल में पुलिस ने रोका, फिर जो हुआ..
पश्चिम बंगाल में बड़ा विवाद हुआ था जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था जब भीड़ ने जजों को घेर लिया था। बंगाल की कानून व्यवस्था को लेकर पहले से ही कई सवाल उठ रहे थे। अब नया मामला सामने आया है जिसने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। बहस को और भी ज्यादा तेज कर दिया है। पुलिस ने एक भारतीय सेना के ब्रिगेडियर को रोका। शुरुआत में सख्ती दिखाई गई।  लेकिन इसके बाद जो हुआ वो बहुत कुछ सिखाता है आम लोगों को। ना कोई गुस्सा, ना कोई बहस, ना कोई भी यहां पर पावर शो बल्कि ब्रिगेडियर ने पूरे संयम और गरिमा के साथ अपनी बात को पुलिस वालों के सामने रखा। हर शब्द में अनुशासन, हर व्यवहार में प्रोफेशनलिज्म। 

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सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों ही वर्दियां देश की सुरक्षा के लिए है। टकराव के लिए नहीं। जिस तरीके से ब्रिगेडियर ने संयम दिखाया उसने बहुत कुछ सिखाया। जब पहले जजों को भीड़ ने घेर लिया और अब सेना के अधिकारी को इस तरीके से सड़क पर रोका तो यह साफ संकेत है कि ग्राउंड लेवल पर बेहतर तालमेल और कंट्रोल की सख्त आवश्यकता भी है जरूरत भी है। लेकिन इस पूरे मामले में एक चीज तो बिल्कुल साफ दिखी कि पावर नहीं अनुशासन जीत गया। भारतीय सेना का यही चरित्र है। शांत रहकर भी सबसे मजबूत रहे। 

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निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है और वरिष्ठ अधिकारी राज्यभर के जिलों का दौरा कर शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि 15 मार्च को आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू होने के बाद से प्रवर्तन एजेंसियों ने नकदी समेत अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं जब्त की है, जिनकी कुल कीमत 416 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिन में वरिष्ठ निर्वाचन अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों पर तैयारियों, मतदान कर्मियों की आवाजाही और मतदाता जागरुकता उपायों का जायजा लेने के लिए जिलों का दौरा कर रहे हैं, ताकि दो चरणों में होने वाले चुनावों को सुचारू रूप से कराया जा सके। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश भारती के नेतृत्व में एक टीम ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और पर्यवेक्षकों के साथ पूर्व बर्धमान, बांकुड़ा और हुगली में तैयारियों की समीक्षा की। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त पवन कुमार शर्मा की अगुवाई वाले एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने नदिया और मुर्शिदाबाद में इसी तरह की बैठकें कीं। 

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