PMCH छात्र से हिरासत में पूछताछ जरूरी, Delhi High Court ने अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

PMCH छात्र से हिरासत में पूछताछ जरूरी, Delhi High Court ने अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने रेप के एक मामले में पटना मेडिकल कॉलेज (PMCH) के एक मेडिकल छात्र को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। उसके खिलाफ दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि आरोपी अक्षय आदित्य नवंबर 2025 में इंस्टाग्राम पर पीड़िता से मिला था। आरोप है कि दिसंबर 2025 में उसने गाजियाबाद के वैशाली स्थित एक होटल में पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए।

इसे भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए, महाभियोग के मॉक इवेंट में खरगे ने 6 आरोप गिनाए

 इसके बाद, मार्च 2026 में वह निजामुद्दीन इलाके में एक नर्सरी के पास पीड़िता से मिला और फिर उसे अपने दोस्त के घर ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जस्टिस सचिन दत्ता ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया और अगस्त 2026 में दी गई अंतरिम सुरक्षा को भी हटा दिया। जस्टिस दत्ता ने कहा, “यह देखा जा सकता है कि कथित अपराध कुछ खास मौकों पर किए गए हैं। जांच अभी पूरी नहीं हुई है, और जांच एजेंसी ने यह बताया है कि आवेदक से हिरासत में पूछताछ करना जरूरी है।” 30 अक्टूबर के अपने फैसले में जस्टिस दत्ता ने कहा, “इस अदालत की राय में, यह कोई ऐसा ‘असाधारण मामला’ नहीं है जिसमें अग्रिम जमानत जैसी विशेष राहत दी जाए।” हाई कोर्ट ने गौर किया कि 17.08.2026 को दी गई सुरक्षा असल में एक अंतरिम व्यवस्था थी, जो “सुनवाई की अगली तारीख” तक लागू थी। यह व्यवस्था राज्य की ओर से विस्तृत जवाब आने तक के लिए थी और 17.09.2026 को भी इसी तरह जारी रखी गई थी। जस्टिस दत्ता ने कहा, “यह याचिका पर सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत देने का कोई आदेश नहीं था। 

इसे भी पढ़ें: देश में पहली वोट चोरी नेहरू के समय हुई थी, मॉक पार्लियामेंट के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

बेंच ने यह भी कहा कि 17.08.2026 के बाद से रिकॉर्ड पर जो नई सामग्री आई है। जैसे कि स्टेटस रिपोर्ट, CDR/लोकेशन और होटल के रिकॉर्ड, पुराना हैंडसेट न मिल पाना, इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत का डिलीट होना, और खुद आवेदक के बयानों में विरोधाभास—ये सभी बातें परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती हैं। कोर्ट ने कहा, “परिणामस्वरूप, इन कार्यवाही के दौरान 17.08.2026 को याचिकाकर्ता को दी गई अंतरिम सुरक्षा अब समाप्त की जाती है।” शिकायतकर्ता ने बताया कि आवेदक, जो पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल से सर्जरी में मास्टर्स (पोस्ट-ग्रेजुएट) कर रहा है, ने नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में इंस्टाग्राम के जरिए उससे संपर्क किया और बार-बार उससे शादी करने का वादा किया। शिकायत में विशेष रूप से 21.12.2025 को गाजियाबाद के वैशाली स्थित एक होटल की घटना का जिक्र है (जहां आवेदक के ठहरने के लिए शिकायतकर्ता ने ही कमरा बुक किया था)। उस समय उसने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया था कि वह सच में उससे शादी करना चाहता है और यह शादी दोनों परिवारों की सहमति से होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *