प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी होने के मौके पर अररिया के कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यक्रम हुआ। इसमें बताया गया कि जिले के करीब 300 किसानों को योजना का लाभ मिलेगा और किसानों के लिए करीब 60 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से देशभर के किसानों को संबोधित किया। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान शामिल हुए और योजना की जानकारी ली। अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. राजीव सिंह, वैज्ञानिक डॉ. संजीत कुमार और सस्य वैज्ञानिक डॉ. राम नरेश समेत जिले के कई किसान भी मौजूद रहे। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और कृषि विज्ञान केंद्र की कृषि तकनीक से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई। उन्हें खेती में नई तकनीक अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया। प्राकृतिक खेती अपनाने पर फोकस कार्यक्रम में ‘खेत बचाओ अभियान’ पर भी चर्चा हुई। वैज्ञानिकों ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए संतुलित मात्रा में खाद इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने रासायनिक खाद का सोच-समझकर इस्तेमाल करने, मिट्टी की सेहत बचाने और प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया। वैज्ञानिकों ने बताया कि जरूरत के मुताबिक खाद इस्तेमाल करने और प्राकृतिक खेती की तकनीक अपनाने से खेती की लागत कम हो सकती है। खेती की लागत कम करना भी जरूरी इससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहेगी और लंबे समय तक बेहतर उत्पादन में मदद मिलेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं और टिकाऊ, कम खर्च वाली खेती की जानकारी देना था। जिले के किसानों के लिए लगभग 60 करोड़ रुपये की राशि जारी किए जाने की बात कही गई। इस राशि से किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को यह संदेश दिया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ मिट्टी की सेहत बचाना और खेती की लागत कम करना भी जरूरी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी होने के मौके पर अररिया के कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यक्रम हुआ। इसमें बताया गया कि जिले के करीब 300 किसानों को योजना का लाभ मिलेगा और किसानों के लिए करीब 60 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से देशभर के किसानों को संबोधित किया। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान शामिल हुए और योजना की जानकारी ली। अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. राजीव सिंह, वैज्ञानिक डॉ. संजीत कुमार और सस्य वैज्ञानिक डॉ. राम नरेश समेत जिले के कई किसान भी मौजूद रहे। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और कृषि विज्ञान केंद्र की कृषि तकनीक से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई। उन्हें खेती में नई तकनीक अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया। प्राकृतिक खेती अपनाने पर फोकस कार्यक्रम में ‘खेत बचाओ अभियान’ पर भी चर्चा हुई। वैज्ञानिकों ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए संतुलित मात्रा में खाद इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने रासायनिक खाद का सोच-समझकर इस्तेमाल करने, मिट्टी की सेहत बचाने और प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया। वैज्ञानिकों ने बताया कि जरूरत के मुताबिक खाद इस्तेमाल करने और प्राकृतिक खेती की तकनीक अपनाने से खेती की लागत कम हो सकती है। खेती की लागत कम करना भी जरूरी इससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहेगी और लंबे समय तक बेहतर उत्पादन में मदद मिलेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं और टिकाऊ, कम खर्च वाली खेती की जानकारी देना था। जिले के किसानों के लिए लगभग 60 करोड़ रुपये की राशि जारी किए जाने की बात कही गई। इस राशि से किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को यह संदेश दिया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ मिट्टी की सेहत बचाना और खेती की लागत कम करना भी जरूरी है।

