रगों में तीरंदाजी-सिस्टम ने तोड़ी कमान:मेवाड़ को दो दशक से एक भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नहीं मिला, मैदान तक छीनने की तैयारी
मेवाड़-वागड़ के जनजाति अंचल में तीरंदाजी किसी के सिखाने से नहीं, बल्कि विरासत से आती है। इसी माटी ने देश को लिंबाराम और धूलचंद डामोर जैसे ओलंपिक स्तर के बड़े तीरंदाज दिए। लेकिन हकीकत यह है कि बीते दो दशक से इस क्षेत्र ने देश को एक भी अंतरराष्ट्रीय या बड़ा राष्ट्रीय खिलाड़ी नहीं दिया…


