जिले के बागीदौरा रेंज (देवकोतलेश्वर वनखंड) के तेजपुरा-ए और तेजपुरा-बी साइटों पर पौधरोपण में बड़ा घपला सामने आया है। इन साइट्स पर 50 हजार पौधे रोपने थे, लेकिन 24,285 गड्ढे ही खोदे गए। इनमें भी 15,765 गड्ढों में पौधे नहीं मिले। मौके पर सिर्फ 8,520 पौधे जीवित हैं। इसके बावजूद 74 लाख रुपए का बिल पास करवा लिया गया। तीन साल पहले हुए इस घपले पर पर्दा डालने के लिए एक वनपाल का नाका बदलकर इतिश्री करने का प्रयास किया गया। मामला उजागर हुआ तो जांच व कार्रवाई करनी थी, लेकिन 13 माह से डीसीएफ फाइल दबाए बैठे हैं। दरअसल, वन विभाग के बागीदौरा रेंज को वर्ष 2021-22 में आरडीएफ-1 योजना के तहत तेजपुरा-ए और तेजपुरा-बी वनखंड में 50-50 हेक्टेयर में 25-25 हजार पौधे लगाने थे। वर्ष 2022-23 में यहां गड्ढे भी कम खोदे गए और उनमें भी पौधे कम ही लगाए गए। तब प्रवीण अहारी रेंजर थे। इसके बाद रेंजर सोकुलाल और फिर सुरेश गरासिया आए। इन दोनों साइटों के संधारण के लिए वर्ष 2024-25 में आवंटित 2.22 लाख का बजट इस्तेमाल नहीं किया, न ही चौकीदार रखा। इस पर उपवन संरक्षक (डीसीएफ) अभिषेक शर्मा ने रेंजर को नोटिस भेजा। रेंजर ने 8 मार्च 2025 को दिए स्पष्टीकरण में भ्रष्टाचार की पूरी पोल खोल दी।


