जिले की नदियों में अब कानून का नहीं, बल्कि रेत माफिया का सिक्का चल रहा है। बेखौफ माफिया न केवल सरकारी अधिकारियों को चुनौती दे रहा है, बल्कि पुलिस बल की मौजूदगी में जब्त किए गए वाहनों को सरेआम छीनकर ले जा रहा है। विडंबना देखिए, सिस्टम की लाचारी ऐसी है कि एक जिम्मेदार अधिकारी थाने में 4 घंटे तक कार्रवाई के लिए बैठा रहता है, लेकिन पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बजाय “जांच” का हवाला देकर उसे टाल देती है, जबकि पूरे घटनाक्रम के उसी थाने के तीन जवान चश्मदीद गवाह हैं। दरअसल, शनिवार को खनिज और पुलिस थाना नई सराय का दल ग्राम बेहटा, पुलिस थाना नईसराय, अंतर्गत सिंध नदी, बेहटा घाट पर पहुंचा तो वहां पर एक ट्रैक्टर फार्मट्रेक 60 एफ-3 चेचिस नंबर टी 05 2408 577 जीएफ इंजन नंबर ई 241451 6 ट्रैक्टर ट्राली से रेत भरी थी। पुलिस के द्वारा इस ट्रैक्टर को रोका गया, जब ट्रैक्टर वाले से रॉयल्टी मांगी गई तो उसने रॉयल्टी नहीं बताई। जैसे ही ट्रैक्टर वाले को पुलिस थाना नई सराय चलने के लिए बोला गया तो ट्रैक्टर चालक प्रसन्न रघुवंशी पुत्र मुकेश रघुवंशी निवासी ग्राम बेहटा ने अपने अन्य साथियों मोहित रघुवंशी पुत्र शिवदीप निवासी बेहटा, निशंक रघुवंशी पुत्र कुलदीप रघुवंशी निवासी ग्राम बेहटा तथा घनश्याम रघुवंशी पुत्र हरनाम रघुवंशी निवासी ग्राम बेहटा को भी मौके पर बुला लिया गया। ये सभी लोग माइनिंग और पुलिस टीम से विवाद करने लगे और पूरी दादागिरी के साथ ट्रैक्टर को लेकर चले गए। बेशर्मी: 4 घंटे इंतजार, फिर भी नहीं लिखी गई रिपोर्ट इस घटना के बाद सबसे शर्मनाक तस्वीर थाने में देखने को मिली। माफिया के हमले और बदतमीजी से आहत सरकारी अधिकारी जब FIR दर्ज कराने थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें 4 घंटे तक थाने में बैठाने के बाद पुलिसकर्मियों ने दो टूक कह दिया कि “अभी जांच करनी पड़ेगी, उसके बाद ही कार्रवाई होगी।” यह स्थिति तब है जब अधिकारी के पास पहले के आवेदनों की पावती भी मौजूद है, लेकिन पुलिस माफिया के दबाव में है या मिलीभगत में, यह बड़ा सवाल है। माफिया के हौसले बुलंद, अधिकारी असहाय पीड़ित अधिकारी का दर्द है कि कई बार शिकायत करने पर भी पुलिस बल नहीं मिलता और यदि बल मिल भी जाए और कार्रवाई की जाए, तो पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती। नतीजा यह होता है कि माफिया आज ट्रैक्टर छुड़ा ले जाता है और कल फिर उसी घाट पर अवैध उत्खनन शुरू कर देता है। जब इस घटना की एफआईआर कराने के लिए नई सराय थाना पहुंचे तो वहां 4 घंटे तक बैठाए रखा। इसके बाद ये कह दिया कि मामले की पहले जांच होगी, इसके बाद केस दर्ज होगा।-वीरेंद्र वर्मा, जिला माइनिंग अधिकारी कार्रवाई करने के लिए पुलिस बल थाने से ही दिया गया था। हमने आवेदन ले लिया है, उसी के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। आज सर्वर डाउन होगा, इसलिए एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई होगी। -मनीष गुर्जर, थाना प्रभारी नई सराय


