साख बचाने की चुनौती में विपक्ष:सम्राट का ‘शक्ति परीक्षण’ आज… एनडीए के 201 बनाम विपक्ष के 35

साख बचाने की चुनौती में विपक्ष:सम्राट का ‘शक्ति परीक्षण’ आज… एनडीए के 201 बनाम विपक्ष के 35

बिहार विस का विशेष सत्र आज
बिहार की सियासत में आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 10वें दिन सम्राट चौधरी शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत पेश करेंगे। सुबह 11 बजे शुरू हो रहे विशेष सत्र में मुख्यमंत्री एक लाइन का प्रस्ताव रखेंगे। प्रस्ताव होगा ‘यह सभा वर्तमान राज्य मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करती है। ’ यह प्रस्ताव प्रचंड बहुमत से पारित होना तय है। गणित साफ है-एनडीए के पास 201 विधायकों का प्रचंड बहुमत है, जबकि महागठबंधन महज 35 पर सिमट गया है। इसमें अगर एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायकों की संख्या जोड़ दी जाए्, तो भी विपक्षी विधायकों की संख्या 41 से आगे नहीं बढ़ती। सत्ता पक्ष के मुकाबले विपक्षी विधायकों की इस कमतर संख्या में भी कांग्रेस के 3 और राजद के 1 विधायक के एनडीए की तरफ पलटने की बात है। एनडीए सरकार का खासा बहुमत तय जानकर कांग्रेस और फजीहत से बच रही। उसने तो अपने 6 विधायकों के लिए ह्विप तक जारी नहीं किया। कमोबेश यही स्थिति राजद की भी है। कांग्रेस के 3 विधायक (मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र कुशवाहा, मनोज विश्वास) तथा राजद के 1 विधायक फैसल रहमान कुछ दिन पहले हुए राज्यसभा चुनाव में वोट देने आए ही नहीं। शुक्रवार की सदन की कार्यवाही के दौरान अंतिम तौर पर स्पष्ट होगा कि विपक्ष के ये चारों विधायक अपनी पार्टियों के साथ हैं या ये वाकई एनडीए के हो चुके हैं। इधर, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार विधानसभा में विश्वास मत पेश करेगी। जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने विपक्षी खेमे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ‘ठेकेदारों’ के जरिए एनडीए विधायकों को लालच देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। सम्राट बोले-वित्तीय स्थिति अच्छी, राजस्व बढ़ाने के लिए इनोवेशन हो, नई संभावनाएं तलाशी जाएं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति अच्छी है। इसे और बेहतर करने के लिए सभी विभाग सुनियोजित ढंग से काम करें। राजस्व संग्रहण और इसके संवर्द्धन को लेकर इनोवेशन हो। नई संभावनाएं तलाशी जाएं। वे गुरुवार को वित्त विभाग तथा आंतरिक संसाधन से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अफसरों को कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों में वित्तीय अनुशासन जरूरी है। इसके लिए अपेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संसाधनों का सदुपयोग जरूरी है। सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के लिए जो भी लक्ष्य निर्धारित किया जाता है, उसे समय पर पूरा करना जरूरी है। राज्य का बजट आकार काफी बढ़ा है। लोगों के हित में सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। बैठक में सभी विभाग के अधिकारियों ने राजस्व संग्रह के लक्ष्य व उपलब्धि के बारे में पूरी जानकारी दी। क्या है संख्या बल का मनोवैज्ञानिक खेल ‘परसेप्शन’ (धारणा) की लड़ाई सरकार के पास 201 विधायकों का समर्थन है। उसे कोई खतरा नहीं है। दरअसल, यह धारणा की लड़ाई है। सत्ता पक्ष फिर से दिखाएगा कि उसके पास विपक्ष की तुलना में कितने अधिक विधायक हैं। यह मनोवैज्ञानिक तौर पर विपक्ष को पूरी तरह पस्त कर देने का संसदीय उपाय है। पूर्ण समर्थन को फुलप्रूफ बनाना दो दशक तक बिहार की राजनीति नीतीश कुमार पर टिकी रही। अब केंद्र में सम्राट चौधरी हैं। वह बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा का विशेष सत्र, उनके पूर्ण समर्थन के फुलप्रूफ मोड को परखने तथा इसे बाकायदा साकार करने की कवायद है। राजग AIMIM05 बसपा01 राजद25 कांग्रेस06 भाकपा माले02 माकपा01 आईआईपी01 कुल35 भाजपा88 जदयू85 लोजपा (रा.)19 हम05 रालोमो04 कुल201 अन्य महागठबंधन (विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। भाजपा के नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने से अभी 1 सीट खाली है।) बिहार विस का विशेष सत्र आज
बिहार की सियासत में आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 10वें दिन सम्राट चौधरी शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत पेश करेंगे। सुबह 11 बजे शुरू हो रहे विशेष सत्र में मुख्यमंत्री एक लाइन का प्रस्ताव रखेंगे। प्रस्ताव होगा ‘यह सभा वर्तमान राज्य मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करती है। ’ यह प्रस्ताव प्रचंड बहुमत से पारित होना तय है। गणित साफ है-एनडीए के पास 201 विधायकों का प्रचंड बहुमत है, जबकि महागठबंधन महज 35 पर सिमट गया है। इसमें अगर एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायकों की संख्या जोड़ दी जाए्, तो भी विपक्षी विधायकों की संख्या 41 से आगे नहीं बढ़ती। सत्ता पक्ष के मुकाबले विपक्षी विधायकों की इस कमतर संख्या में भी कांग्रेस के 3 और राजद के 1 विधायक के एनडीए की तरफ पलटने की बात है। एनडीए सरकार का खासा बहुमत तय जानकर कांग्रेस और फजीहत से बच रही। उसने तो अपने 6 विधायकों के लिए ह्विप तक जारी नहीं किया। कमोबेश यही स्थिति राजद की भी है। कांग्रेस के 3 विधायक (मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र कुशवाहा, मनोज विश्वास) तथा राजद के 1 विधायक फैसल रहमान कुछ दिन पहले हुए राज्यसभा चुनाव में वोट देने आए ही नहीं। शुक्रवार की सदन की कार्यवाही के दौरान अंतिम तौर पर स्पष्ट होगा कि विपक्ष के ये चारों विधायक अपनी पार्टियों के साथ हैं या ये वाकई एनडीए के हो चुके हैं। इधर, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार विधानसभा में विश्वास मत पेश करेगी। जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने विपक्षी खेमे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ‘ठेकेदारों’ के जरिए एनडीए विधायकों को लालच देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। सम्राट बोले-वित्तीय स्थिति अच्छी, राजस्व बढ़ाने के लिए इनोवेशन हो, नई संभावनाएं तलाशी जाएं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति अच्छी है। इसे और बेहतर करने के लिए सभी विभाग सुनियोजित ढंग से काम करें। राजस्व संग्रहण और इसके संवर्द्धन को लेकर इनोवेशन हो। नई संभावनाएं तलाशी जाएं। वे गुरुवार को वित्त विभाग तथा आंतरिक संसाधन से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अफसरों को कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों में वित्तीय अनुशासन जरूरी है। इसके लिए अपेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संसाधनों का सदुपयोग जरूरी है। सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के लिए जो भी लक्ष्य निर्धारित किया जाता है, उसे समय पर पूरा करना जरूरी है। राज्य का बजट आकार काफी बढ़ा है। लोगों के हित में सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। बैठक में सभी विभाग के अधिकारियों ने राजस्व संग्रह के लक्ष्य व उपलब्धि के बारे में पूरी जानकारी दी। क्या है संख्या बल का मनोवैज्ञानिक खेल ‘परसेप्शन’ (धारणा) की लड़ाई सरकार के पास 201 विधायकों का समर्थन है। उसे कोई खतरा नहीं है। दरअसल, यह धारणा की लड़ाई है। सत्ता पक्ष फिर से दिखाएगा कि उसके पास विपक्ष की तुलना में कितने अधिक विधायक हैं। यह मनोवैज्ञानिक तौर पर विपक्ष को पूरी तरह पस्त कर देने का संसदीय उपाय है। पूर्ण समर्थन को फुलप्रूफ बनाना दो दशक तक बिहार की राजनीति नीतीश कुमार पर टिकी रही। अब केंद्र में सम्राट चौधरी हैं। वह बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा का विशेष सत्र, उनके पूर्ण समर्थन के फुलप्रूफ मोड को परखने तथा इसे बाकायदा साकार करने की कवायद है। राजग AIMIM05 बसपा01 राजद25 कांग्रेस06 भाकपा माले02 माकपा01 आईआईपी01 कुल35 भाजपा88 जदयू85 लोजपा (रा.)19 हम05 रालोमो04 कुल201 अन्य महागठबंधन (विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। भाजपा के नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने से अभी 1 सीट खाली है।)  

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