3 टीमें बनीं, 75 प्रश्न तैयार अभिषेक से पूछताछ के लिए ईओयू में तीन टीमें बन गई हैं। जहां-जहां संपत्ति है, उस आधार पर टीम बनी है। संपत्ति के कागजात भी ईओयू के पास आ गए हैं। पूछताछ में अगर वे अचल संपत्तियों के बारे में उत्तर नहीं देंगे या जवाब को नकार देंगे तो दस्तावेज दिखाया जाएगा। पूछताछ के लिए 75 प्रश्न तैयार किए गए हैं। पटना| किशनगंज नगर थाने के निलंबित थानेदार अभिषेक रंजन को ईओयू ने 28 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले 20 अप्रैल को भी बुलाया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। ईओयू ने किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार के सबसे करीबी रहे अभिषेक के पटना के रामकृष्णानगर स्थित घर, किशनगंज के सरकारी आवास, सरकारी कार्यालय, सारण स्थित पैतृक आवास और सारण के उमानगर स्थित आवास में 14 अप्रैल को छापेमारी की थी। उनपर ईओयू ने 1.70 करोड़ का डीए केस दर्ज किया था। अभिषेक 2009 बैच के दारोगा हैं। सारण के भेल्दी थाने के पैगा गांव के रहने वाले हैं। वह मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण के अलावा पटना के एसकेपुरी और रामकृष्णानगर थाने में भी दारोगा रहे। 2023 में इंस्पेक्टर बने। अभिषेक 17 साल की नौकरी में जहां भी रहे, जमकर काली कमाई की। ईओयू सूत्रों के अनुसार, सिलिगुड़ी से लेकर किशनगंज, बंगाल और पटना में उनके पास 50 करोड़ की चल-अचल संपत्ति है। पैतृक आवास को बनाने में 50 लाख खर्च किए। रामकृष्णानगर में आलीशान मकान बनाने में 2 करोड़ खर्च किए। 7 ट्रक भी हैं। शराब, जमीन और मादक पदार्थों के तस्करों से कनेक्शन है। 3 टीमें बनीं, 75 प्रश्न तैयार अभिषेक से पूछताछ के लिए ईओयू में तीन टीमें बन गई हैं। जहां-जहां संपत्ति है, उस आधार पर टीम बनी है। संपत्ति के कागजात भी ईओयू के पास आ गए हैं। पूछताछ में अगर वे अचल संपत्तियों के बारे में उत्तर नहीं देंगे या जवाब को नकार देंगे तो दस्तावेज दिखाया जाएगा। पूछताछ के लिए 75 प्रश्न तैयार किए गए हैं। पटना| किशनगंज नगर थाने के निलंबित थानेदार अभिषेक रंजन को ईओयू ने 28 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले 20 अप्रैल को भी बुलाया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। ईओयू ने किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार के सबसे करीबी रहे अभिषेक के पटना के रामकृष्णानगर स्थित घर, किशनगंज के सरकारी आवास, सरकारी कार्यालय, सारण स्थित पैतृक आवास और सारण के उमानगर स्थित आवास में 14 अप्रैल को छापेमारी की थी। उनपर ईओयू ने 1.70 करोड़ का डीए केस दर्ज किया था। अभिषेक 2009 बैच के दारोगा हैं। सारण के भेल्दी थाने के पैगा गांव के रहने वाले हैं। वह मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण के अलावा पटना के एसकेपुरी और रामकृष्णानगर थाने में भी दारोगा रहे। 2023 में इंस्पेक्टर बने। अभिषेक 17 साल की नौकरी में जहां भी रहे, जमकर काली कमाई की। ईओयू सूत्रों के अनुसार, सिलिगुड़ी से लेकर किशनगंज, बंगाल और पटना में उनके पास 50 करोड़ की चल-अचल संपत्ति है। पैतृक आवास को बनाने में 50 लाख खर्च किए। रामकृष्णानगर में आलीशान मकान बनाने में 2 करोड़ खर्च किए। 7 ट्रक भी हैं। शराब, जमीन और मादक पदार्थों के तस्करों से कनेक्शन है।


