Online Cricket Betting: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने वाले बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के मोबाइलों की जांच में कई बड़े सटोरियों का पता चला है। पुलिस को उसके परमानेंट सटोरियों की लिस्ट मिली है। इनमें रायपुर के कई कारोबारी भी शामिल हैं, जिन्होंने बाबू से आईडी ली है। बाबू ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का आईडी ऑनर है। उसने अलग-अलग नाम से ऑनलाइन सट्टा खेलने के लिए कई आईडी बनवाई है।
रायपुर में पहली बार आईडी ऑनर पकड़ा गया है। पुलिस ने आईडी खरीदने वालों की भी जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा सट्टे की बड़ी राशि वसूलने के लिए कई बदमाशों को लगा रखा था। डरा-धमकाकर वसूली करने की भी शिकायतें मिली है। बताया जाता है कि सट्टे की रकम के बदले कुछ लोगों से सोने के जेवर भी लिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि बाबू को क्राइम ब्रांच ने मुंबई से गिरफ्तार करके तीन दिन की रिमांड पर लिया है। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। सट्टे के गोरखधंधे में उसका भाई करण खेमानी भी शामिल है। वह फरार है।
सोशल मीडिया में बदनाम करने की देता था धमकी
बताया जाता है कि बाबू और करण ऑनलाइन सट्टे का पैसा वसूलने के लिए कई प्रकार से धमकियां देते थे। बाबू सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर था। इंस्टाग्राम और यूट्यूब में बड़ी संख्या में उसके प्रशंसक हैं। कुछ नामचीन लोग भी जुड़े हैं। सट्टे का पैसा नहीं देने वालों को सोशल मीडिया के जरिए बदनाम करने की धमकियां भी देता था। पुलिस ने उसके पिता से भी पूछताछ की है।
शहर का बड़ा खाईवाल चला रहा डायमंड एक्सचेंज
सूत्रों के मुताबिक रायपुर में बाबू खेमानी से बड़ा एक और आईडी ऑनर सटोरिया है। वह भी महादेवबुक ऐप के बाद अब डायमंड एक्सचेंज के नाम से कई पैनल चलवा रहा है। साथ ही 30 से 40 फीसदी कमीशन पर आईडी बेचता है। महंगी गाडि़यों में घूमता है। एक समय रायपुर क्राइम ब्रांच इसकी तलाश में लगी थी। इस बीच सटोरिए ने शहर में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन करवाया। इसके बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई। इसके बाद से उस


