समस्तीपुर के शिवाजी नगर प्रखंड की रजौर रामभद्रपुर पंचायत के रमोल गांव स्थित दुर्गा स्थान मंदिर परिसर में आज नौ दिवसीय नवाह महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। महायज्ञ के आरंभ के साथ ही पूरे गांव में धार्मिक माहौल बन गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और जय श्रीराम व जय सीताराम के जयघोष से पूरा इलाका गूंज उठा। ग्रामीणों के सहयोग से यह धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। 24 घंटे जय सीताराम का होगा जाप महायज्ञ के दौरान लगातार नौ दिनों तक अखंड हवन और संकीर्तन जाप का आयोजन किया जाएगा। इसमें 24 घंटे ‘जय सीताराम, सीताराम, सीताराम जय सीताराम’ का अखंड जाप कीर्तन मंडलियों की ओर से धुन के साथ किया जाएगा। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि रोजाना सुबह और शाम विशेष पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन का कार्यक्रम भी होगा, जिसमें आसपास के गांवों से श्रद्धालु भाग लेंगे। श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि आती है। महायज्ञ के मुख्य जजमान प्रदीप सिंह और उनकी धर्मपत्नी सविता कुमारी हैं। दोनों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कलश स्थापना की। यज्ञ के सफल आयोजन की कामना की। वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार पंडितों की ओर से मंत्रोच्चारण के बीच कलश पूजन और यज्ञ की शुरुआत कराई गई। पंडित लोचन झा के नेतृत्व में पूरे अनुष्ठान को वैदिक विधि से संपन्न कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और लोगों में धार्मिक चेतना जागृत करता है। सात देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित महायज्ञ परिसर में सात देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। इनमें हनुमान जी, माता पार्वती, भगवान शंकर, भगवान कार्तिकेय, राधा-कृष्ण, भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की प्रतिमाएं शामिल हैं। इन प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा और पूजा-अर्चना विधि-विधान के साथ की गई। इस मामले को लेकर शिवाजी नगर थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि महायज्ञ आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया गया है। समस्तीपुर के शिवाजी नगर प्रखंड की रजौर रामभद्रपुर पंचायत के रमोल गांव स्थित दुर्गा स्थान मंदिर परिसर में आज नौ दिवसीय नवाह महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। महायज्ञ के आरंभ के साथ ही पूरे गांव में धार्मिक माहौल बन गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और जय श्रीराम व जय सीताराम के जयघोष से पूरा इलाका गूंज उठा। ग्रामीणों के सहयोग से यह धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। 24 घंटे जय सीताराम का होगा जाप महायज्ञ के दौरान लगातार नौ दिनों तक अखंड हवन और संकीर्तन जाप का आयोजन किया जाएगा। इसमें 24 घंटे ‘जय सीताराम, सीताराम, सीताराम जय सीताराम’ का अखंड जाप कीर्तन मंडलियों की ओर से धुन के साथ किया जाएगा। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि रोजाना सुबह और शाम विशेष पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन का कार्यक्रम भी होगा, जिसमें आसपास के गांवों से श्रद्धालु भाग लेंगे। श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि आती है। महायज्ञ के मुख्य जजमान प्रदीप सिंह और उनकी धर्मपत्नी सविता कुमारी हैं। दोनों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कलश स्थापना की। यज्ञ के सफल आयोजन की कामना की। वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार पंडितों की ओर से मंत्रोच्चारण के बीच कलश पूजन और यज्ञ की शुरुआत कराई गई। पंडित लोचन झा के नेतृत्व में पूरे अनुष्ठान को वैदिक विधि से संपन्न कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और लोगों में धार्मिक चेतना जागृत करता है। सात देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित महायज्ञ परिसर में सात देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। इनमें हनुमान जी, माता पार्वती, भगवान शंकर, भगवान कार्तिकेय, राधा-कृष्ण, भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की प्रतिमाएं शामिल हैं। इन प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा और पूजा-अर्चना विधि-विधान के साथ की गई। इस मामले को लेकर शिवाजी नगर थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि महायज्ञ आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया गया है।


