गर्भवती से छेड़छाड़ मामले में नया खुलासा, स्पा सेंटर की आड़ में ढाई साल से छिपा था राहुल, आज पुलिस लाएगी जयपुर

गर्भवती से छेड़छाड़ मामले में नया खुलासा, स्पा सेंटर की आड़ में ढाई साल से छिपा था राहुल, आज पुलिस लाएगी जयपुर

जयपुर। राजधानी के पॉश इलाके मालवीय नगर सेक्टर-9 में गर्भवती महिला से अभद्रता के मामले में आरोपी राहुल गुर्जर को लेकर पुलिस जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, राहुल पिछले करीब ढाई साल से जयपुर में ही स्पा सेंटर की आड़ में छिपकर रह रहा था और अपनी पहचान बदलकर काम कर रहा था। जयपुर पुलिस उसे मध्य प्रदेश के ग्वालियर से ट्रांजिट रिमांड पर आज जयपुर लाने जा रही है, अब उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पा सेंटर संचालक शुभम उर्फ सिद्धार्थ को भी गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि संचालक को राहुल की आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद उसने नियमों को ताक पर रखकर उसे नौकरी पर रखा और उसका पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया। पुलिस को आशंका है कि आरोपी को जानबूझकर शरण दी गई थी, इसलिए अब संचालक से यह भी पूछताछ की जा रही है कि कहीं इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल तो नहीं हैं।

आरोपी हिस्ट्रीशीटर अपराधी

राहुल गुर्जर मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र का रहने वाला है और वह एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ लूट, मारपीट, छेड़छाड़ और अन्य गंभीर अपराधों के करीब 30 से अधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। मालवीय नगर की घटना के बाद जब जयपुर पुलिस उसकी तलाश में जुटी, तो वह लगातार ठिकाने बदलता रहा। उसने जयपुर से भागकर बारां, धौलपुर, चित्तौड़गढ़ होते हुए भिंड-मुरैना के बीहड़ों में शरण ली।

पुलिस से बचने के लिए पहुंचा कोर्ट

पुलिस के बढ़ते दबाव और संभावित एनकाउंटर के डर से आरोपी ने एक सोची-समझी चाल चली और मध्य प्रदेश के मुरैना कोर्ट में पुराने मामले में सरेंडर कर दिया, ताकि वह कानूनी प्रक्रिया के चलते कुछ समय तक गिरफ्तारी से बच सके। हालांकि जयपुर पुलिस ने उसकी इस योजना को विफल करते हुए प्रोडक्शन वारंट हासिल कर लिया है और अब उसे जयपुर लाकर पूछताछ की जाएगी।

ये था पूरा मामला

गौरतलब है कि बीते दिनों मालवीय नगर क्षेत्र में आरोपी ने सरेराह एक गर्भवती महिला को पीछे से पकड़कर अश्लील हरकत की थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद आमजन में भारी आक्रोश फैल गया। मामले में शुरुआती लापरवाही को लेकर जवाहर सर्किल थाने के एएसआई महेश चंद्र और हेड कांस्टेबल अंगदराम मीणा को सस्पेंड किया जा चुका है।

पुलिस बड़ी कार्रवाई के मूड में

डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा की निगरानी में पुलिस की विशेष टीमें इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी से कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, खासकर उसके नेटवर्क, जयपुर में उसके ठिकानों और सहयोगियों के बारे में भी जानकारी हाथ लग सकती है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह इतने लंबे समय तक शहर में कैसे सक्रिय रहा और किन-किन लोगों ने उसकी मदद की।

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