हरदा में नीट पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार शाम कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में दोनों संगठनों ने शहर में मशाल जुलूस निकाला और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मशाल जुलूस कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर घंटाघर चौक पर पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता हाथों में मशाल लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। ‘मुन्नाभाई जैसे डॉक्टर तैयार कर रही सरकार’ एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष सिद्धार्थ विश्नोई ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार असली डॉक्टर नहीं, बल्कि ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ जैसे डॉक्टर तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई बच्चों की पढ़ाई में लगाते हैं और छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन मेडिकल सीटें लाखों रुपये लेकर बेची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सालभर तैयारी करने वाले छात्र मानसिक तनाव में हैं और कई छात्र आत्महत्या तक करने को मजबूर हो रहे हैं। ‘व्यापम से लेकर NEET तक भरोसा टूटा’ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास ने कहा कि पहले व्यापम और अब नीट पेपर लीक ने परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से जागने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि अब भी आवाज नहीं उठाई गई तो देश की शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो जाएगी। व्यास ने सरकार को छात्र और किसान विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा शासन में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के हित में सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA भंग करने की मांग पूर्व नपाध्यक्ष हेमंत टाले ने कहा कि व्यापम और नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं ने परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता खत्म कर दी है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए दोषियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की भी मांग उठाई। टाले ने आरोप लगाया कि परीक्षा के समय छात्रों की कड़ी तलाशी ली जाती है, लेकिन पेपर बड़े लोगों तक पहले ही पहुंच जाता है, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है।


